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Haridwar: बाल गृह पहुंचते ही बच्चे को देखकर बिलख पड़ी मां, पांच माह बाद कलेजे को टुकड़े को गले लगाकर खूब रोई
Thu, 09 Nov 2023 12:00 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: रेनू सकलानी
Updated Thu, 09 Nov 2023 12:00 PM IST
सार
पांच माह बाद बालगृह में बच्चे को देख मां रो पड़ी। ऑपरेशन स्माइल की टीम ने बच्चे की मां को दिल्ली में खोज निकाला। बच्चा आठ मई को घर से बिना बताए कहीं चला गया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
मानव तस्करी निरोधक दस्ता (एएचटीयू) की टीम ने ऑपरेशन स्माइल के तहत पांच महीने पहले घर से लापता 13 वर्षीय किशोर को उसकी मां से मिलवा दिया है। बाल गृह पहुंचते ही बच्चे को देखकर मां बिलख पड़ी और उसे गले लगाकर खूब रोई। टीम ने मां को ढांढस बंधवाया। उसके बाद कागजी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को अपने साथ दिल्ली लेकर चली गई।
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ऑपरेशन स्माइल की नोडल अधिकारी सीओ सिटी जूही मनराल ने बताया कि 21 अक्तूबर को मुख्य आरक्षी राकेश कुमार, आरक्षी दीपक चंद, मुकेश कुमार ने हरकी पैड़ी के गंगा घाट से 13 साल के किशोर को रेस्क्यू किया था। उसने अपना नाम राज पुत्र स्व. जगदीश निवासी पक्की खजूरी दिल्ली बताया था। वह दो दिन पहले परिवार को बिना बताए ट्रेन में बैठकर यहां आ गया था। उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर उसे राजकीय बालगृह में रखा गया। साथ ही उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी गई।
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आठ मई को लापता हुआ था
टीम ने साढ़े तीन पुस्ता सोनिया बिहार गली-6 दिल्ली से राज की माता पूजा को खोजने में सफलता पाई। तब सामने आया बच्चा आठ मई को घर से बिना बताए कहीं चला गया था। दिल्ली में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। मां को हरिद्वार लाकर बाल गृह ले जाकर बच्चे से मिलवाया। जहां उसे देख वह फफक-फफककर रोने लगी। बच्चे को मां के सुपुर्द कर दिया गया।