{"_id":"5a1fcac84f1c1bd1408ba07d","slug":"mother-condition-worsened-after-hearing-the-news-of-mountaineer-son-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्वतारोही बेटे की मौत की खबर सुन मां की हालत बिगड़ी, आखिरी बार फोन पर पिता को बताई थी दिल की ये बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्वतारोही बेटे की मौत की खबर सुन मां की हालत बिगड़ी, आखिरी बार फोन पर पिता को बताई थी दिल की ये बात
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Thu, 30 Nov 2017 05:15 PM IST
विज्ञापन
Mountaineer yogesh nayal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋषिकुंड-सजधार ट्रैक पर गए पर्वतारोही योगेश नयाल की मौत से घर में कोहराम मच गया। बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद मां की हालत बिगड़ गई है। योगेश की जब आखिरी बार पिता से बात की थी तो उन्हें अपने दिल की ये बताई थी। सुनकर हो जाएंगे भावुक..
योगेश का परिवार मूल रूप से धारी ब्लाक के लेटीबुंगा गांव का है और यहां बिठौरिया नंबर दो में गौड़ धड़ा में रहता है। गौड़ धड़ा स्थित घर में रिश्तेदारों और परिचितों का देर रात तक तांता लगा रहा। जवान बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां तारा नयाल और पिता इंद्र सिंह नयाल का रो रो कर बुरा हाल हो गया। बेटे के गम में दुखी मां की तबीयत बिगड़ गई।
योगेश के पिता इंद्र सिंह नयाल ने बताया कि वह दीपावली की छुट्टियों पर घर आया था। 20 नवंबर को वह ट्रैक के लिए निकला था। चार दिन पहले उसका फोन आया था। उसने कहा था कि पापा मैं खाली हूं, मन नहीं लग रहा है।
विज्ञापन
इस पर उन्होंने कहा था कि खाली है तो घर पर आ जा लेकिन वह जोशीमठ चला गया। सुबह 9.30 उसके गिरने की खबर आई। बाद में जिला प्रशासन और कंपनी ने मौत की सूचना दी।
परिजनों के मुताबिक योगेश नयाल ने बीटेक करने के बाद बंगलुरु में एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप काम भी किया था। लेकिन नौकरी में उसका मन नहीं लगा। चार साल बाद ही वह हल्द्वानी लौट आया। यहां आने के बाद मनाली और दार्जिलिंग से पर्वतारोहण का कोर्स किया था। इसके बाद वह हिमालयन ट्रैक कंपनी में लग गया।
विज्ञापन
योगेश का परिवार मूल रूप से धारी ब्लाक के लेटीबुंगा गांव का है और यहां बिठौरिया नंबर दो में गौड़ धड़ा में रहता है। गौड़ धड़ा स्थित घर में रिश्तेदारों और परिचितों का देर रात तक तांता लगा रहा। जवान बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां तारा नयाल और पिता इंद्र सिंह नयाल का रो रो कर बुरा हाल हो गया। बेटे के गम में दुखी मां की तबीयत बिगड़ गई।
विज्ञापन
योगेश के पिता इंद्र सिंह नयाल ने बताया कि वह दीपावली की छुट्टियों पर घर आया था। 20 नवंबर को वह ट्रैक के लिए निकला था। चार दिन पहले उसका फोन आया था। उसने कहा था कि पापा मैं खाली हूं, मन नहीं लग रहा है।
विज्ञापन
इस पर उन्होंने कहा था कि खाली है तो घर पर आ जा लेकिन वह जोशीमठ चला गया। सुबह 9.30 उसके गिरने की खबर आई। बाद में जिला प्रशासन और कंपनी ने मौत की सूचना दी।
परिजनों के मुताबिक योगेश नयाल ने बीटेक करने के बाद बंगलुरु में एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप काम भी किया था। लेकिन नौकरी में उसका मन नहीं लगा। चार साल बाद ही वह हल्द्वानी लौट आया। यहां आने के बाद मनाली और दार्जिलिंग से पर्वतारोहण का कोर्स किया था। इसके बाद वह हिमालयन ट्रैक कंपनी में लग गया।