पोस्टमार्टम से भी नहीं सुलझी बालिका निकेतन में किशोरी की मौत की गुत्थी, शव लेने नहीं आया कोई परिजन
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बालिका निकेतन में मां की हत्या के आरोप में बंद किशोरी की मौत की गुत्थी पोस्टमार्टम में भी नहीं सुलझ पाई। मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा संरक्षित कर लिया है। प्रथम दृष्टया आत्महत्या की आशंका सही साबित नहीं हुई है।
केदारपुरम स्थित बालिका निकेतन में बंद किशोरी बुधवार शाम बाथरूम में बेहोशी की हालत में पड़ी मिली थी। निकेतन कर्मचारी उसे दून अस्पताल ले गए, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। किशोरी हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में अपनी मां की हत्या के आरोप में बालिका निकेतन में बंद थी।
एसडीएम कमलेश मेहता और सीओ जया बलूनी ने नारी निकेतन पहुंचकर बारीकी से घटनास्थल की जांच पड़ताल की थी। बाथरूम में किशोरी की चुन्नी भी पड़ी मिली थी। गले पर हल्के निशान और साथी बालिकाओं से बातचीत के आधार पर फांसी लगाने की आशंका जताई गई थी।
शव लेने नहीं आया कोई परिजन
तहसीलदार की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को शव का पंचायतनामा भरा गया। दोपहर बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के साथ वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत का कारण साफ नहीं हो सका है। मेडिकल बोर्ड ने विसरा संरक्षित किया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आ पाएगी।
पोस्टमार्टम के बाद किशोरी का शव लेने कोई परिजन देहरादून नहीं पहुंचा। पुलिस ने रात में ही पंजाब के रूपनगर में रहने वाले किशोरी के पिता को फोन कर घटनाक्रम की जानकारी दे दी थी। पहले तो पिता बेटी का शव लेने से साफ इंकार कर दिया। पुलिस ने फोन पर समझा-बुझाकर उसे शव लेने के लिए तैयार किया। लेकिन, पिता ने देहरादून आने की बात कहकर मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया।
जब कोई परिजन नहीं आया तो पुलिस ने शव को दून अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। एसओ नेहरू कालोनी दिलबर नेगी ने बताया कि 72 घंटे तक किसी परिजन के न आने पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक किशोरी के दो भाई भी बताए गए हैं, जो मां की हत्या के बाद से उसके खिलाफ थे। हत्या के बाद से कोई परिजन किशोरी से मिलने भी नहीं आया था।