दरगाह जा रहे 19 लोगों पर तेजाब से हमला करने में मां-बेटा दोषी करार, मंगलवार को होगी सजा
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वर्ष 2014 में शहर के इंदिरानगर में तेजाब हमले के मामले में प्रथम सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने मां और बेटे को दोषी करार दिया है। अभियुक्तों को सजा मंगलवार को सुनाई जाएगी।
सहायक जिला अभियोजन अधिकारी नवीन चंद्र जोशी के अनुसार इंदिरानगर के वार्ड नं. 21 निवासी लईक अहमद अपने साढ़ू इरशाद के घर आए थे। दोनों परिवार 10 जून 2014 को काठगोदाम दरगाह पर दुआ मांगने के लिए जा रहे थे।
इसी बीच, पड़ोसी जकी अहमद के परिवार ने उन पर छींटाकशी शुरू कर दी। विरोध करने पर दोनों पक्षों में बहस हो गई। इसके बाद जकी अहमद तेजाब की बोतल लेकर आया और इरशाद पर फेंक दिया।
आरोप है कि जकी की मां रहमत जहां और उसके दो बेटों ने भी तेजाब से हमला कर दिया। इससे 19 लोग झुलस गए। झुलसे लोगों का सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में इलाज किया गया।
तेजाब बेचने वाला बरी
बनभूलपुरा पुलिस ने लईक की तहरीर पर जकी अहमद, उसकी मां रहमत जहां, भाई बल्लू और एक नाबालिग भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक नीरज भाकुनी ने की।
जांच के दौरान पुलिस ने बल्लू को क्लीन चिट दे दी। जकी अहमद और उसकी मां रहमत जहां के खिलाफ पुलिस ने धारा 307, 326 ए, 504, 506 और 34 एक्ट के तहत चार्जशीट दायर की। अदालत में अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्यों के समर्थन में 15 गवाहों को पेश किया। अदालत ने दोनों को तेजाब हमले का दोषी पाया। अभियुक्तों को सजा मंगलवार को सुनाई जाएगी।
पुलिस ने जांच में पाया कि जकी ने आसिफ की दुकान से तेजाब खरीदा था। इस मामले में आसिफ ने बताया कि उसने विपिन शर्मा की गोदाम से तेजाब खरीदा था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की। मजिस्ट्रेट के समक्ष दोनों ने जुर्माना अदा किया था। अदालत ने दोनों तेजाब विक्रेताओं को बरी कर दिया।