फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   more relief to disaster victim

आपदा ग्रस्त परिवारों को अब मिलेगी ज्यादा राहत

Fri, 22 Jul 2016 09:22 AM IST
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 22 Jul 2016 09:22 AM IST
विज्ञापन
more relief to disaster victim
uttarakhand faced disaster situation due to rain - फोटो : file photos

उत्तराखंड के आपदा ग्रस्त परिवारों को अब कपड़े, घरेलू सामान और भवन के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में अधिक मुआवजा मिलेगा।

विज्ञापन


केंद्रीय गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन प्रभाग के निर्देश पर राज्य सरकार ने नई दरें लागू की हैं। इसके तहत मुआवजा राशि में दोगुनी तक बढ़ोत्तरी की गई है। यही नहीं आपदा के चलते अपने घर से महरूम होने वालों को किराए के रूप में तीन हजार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। बीती 15 जून से प्रभावित नई दरें 30 सितंबर तक लागू रहेंगी।
विज्ञापन


भारत सरकार के गृह मंत्रालय (आपदा प्रबंधन प्रभाग) की ओर से विभिन्न राज्य सरकारों को आपदा से होने वाली क्षति में दी जाने वाली मुआवजा राशि को बढ़ाने संबंधी निर्देश दिए गए थे। इसके लिए राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) एवं राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के विभिन्न मदों और मानकों का पुर्ननिर्धारण किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पत्र के आधार पर राज्य सरकार ने बढ़ी दरों को पूरे प्रदेश में लागू किया है। इसके तहत वर्तमान में आपदा के दौरान कपड़ों से संबंधित मौजूदा राहत राशि में लगभग पच्चीस फीसदी और घरेलू सामान के नुकसान पर दी जाने वाली राहत राशि में चालीस फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। इसी तरह पूर्णरूप से क्षतिग्रस्त होने वाले कच्चे-पक्के मकान के लिए मिलने वाली राशि में दोगुनी से ज्यादा बढ़ोत्तरी की गई है।


नई दरों में मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में भवनों के क्षतिग्रस्त होने पर एक समान मुआवजा दिया जाएगा। मौजूदा दरों में पहाड़ी क्षेत्रों में के लिए राहत राशि लगभग 7 हजार रुपए अतिरिक्त थी। इसके अतिरिक्त जिन परिवारों के भवन इस मानसून की अवधि में पूरी तरह या तीक्ष्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं और रहने लायक नहीं है, उन्हें प्रतिमाह तीन हजार रुपये का किराया दिया जाएगा। इसके लिए अवधि आपदा की घटना होने से अगले छह महीने तक के लिए होगी।

इसमें किराए के लिए मानसून अवधि भी तय की गई है, जो इस वर्ष 15 जून से लेकर 30 सितंबर तक मान्य होगी। यानी इस अवधि के बीच में भवन को हुए नुकसान पर ही मासिक किराया प्रदान किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलाधिकारी इस बात का भी सत्यापन करेंगे कि किराया पाने वाला व्यक्ति या परिवार टेंट या अस्थायी आवासों में शरण न लिए हो। यदि टेंट उपलब्ध कराया गया है तो उसे प्रशासन वापस लेकर सुरक्षित रखेगा। इसके अतिरिक्त यदि किसी प्रभावित परिवार के पास वैकल्पिक आवास उपलब्ध है तो उसे किराए का लाभ नहीं मिलेगा।

राहत का मद - मौजूदा राशि - नई दरें
कपड़ों के लिए - 1800 - 2200
घरेलू सामान के लिए - 2000 - 2800
क्षतिग्रस्त भवन     - 95100 - 2 लाख (पहाड़ और मैदान दोनों के लिए)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed