Monsoon: उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू अभियानों के लिए SDRF अलर्ट, 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश
सेनानायक ने आगामी मानसून सत्र और कांवड़ यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी इकाइयों को सतर्कता, उच्च स्तर की तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बनाए रखने के निर्देश दिए।
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एसडीआरएफ मुख्यालय में सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर की सभी पोस्टों और वाहिनी के अधिकारियों व कार्मिकों के साथ मासिक सम्मेलन किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू अभियानों को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न पोस्टों पर तैनात कर्मियों की व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को सुनकर उनके निस्तारण के आदेश दिए गए। सेनानायक ने आगामी मानसून सत्र और कांवड़ यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी इकाइयों को सतर्कता, उच्च स्तर की तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि मानसून के दौरान भूस्खलन, अतिवृष्टि, बाढ़, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए 24 घंटे ऑपरेशनल मोड में रहना चाहिए।
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कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित पोस्टों को विशेष रूप से तैयार रहने, संभावित दुर्घटनाओं, जलजनित घटनाओं, सड़क दुर्घटनाओं, अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन, संचार व्यवस्था, बचाव उपकरणों की उपलब्धता बनाए रखने और स्थानीय प्रशासन, पुलिस, अन्य सहयोगी एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश भी दिए।
समस्त पोस्टों पर उपलब्ध बचाव उपकरणों, संचार संसाधनों, वाहनों, बोटों अन्य उपकरणों की कार्यशीलता की समीक्षा की गई। उप सेनानायक शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक राजेन्द्र सिंह रावत, शिविरपाल प्रमोद रावत, निरीक्षक (संचार) राम गोपाल, सूबेदार मेजर योगेंद्र भंडारी आदि उपस्थित रहे।