फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand 304 sites identified as vulnerable to floods and waterlogging during monsoon

Uttarakhand: मानसून में बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील 304 स्थल चिह्नित, 113 बाढ़ चौकियां बनीं

Thu, 25 Jun 2026 08:59 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Thu, 25 Jun 2026 08:59 PM IST
सार

राज्य में कुल 113 बाढ़ चौकियां 15 जून से पहले स्थापित कर लीं गई हैं। सड़कों के अवरुद्ध होने पर वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन
Uttarakhand 304 sites identified as vulnerable to floods and waterlogging during monsoon
मानसून ना बढ़ा दे दिक्कत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

प्रदेश में मानसून में बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील 304 स्थल चिह्नित किए गए हैं, जबकि 113 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। यह कहना है लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज का। उन्होंने यह बात सिंचाई भवन सभागार में मानसून की तैयारियों को लेकर हुई सिंचाई और लोक निर्माण विभाग की बैठक में कही।

विज्ञापन


मंत्री महाराज ने बताया कि सभी जनपद मुख्यालयों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। देहरादून में भी एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे क्रियाशील है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से नदियों के जलस्तर और वर्षा के आंकड़े प्रतिदिन प्राप्त किए जा रहे हैं।
विज्ञापन


राज्य में कुल 113 बाढ़ चौकियां 15 जून से पहले स्थापित कर लीं गई हैं। सड़कों के अवरुद्ध होने पर वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अपर सचिव विनीत कुमार, महावीर चौहान, अपर सचिव सिंचाई गरिमा रौंकली, लोनिवि के प्रमुख अभियंता रमेश चंद्र शर्मा, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर हादसा: हेमकुंड साहिब जा रहे श्रद्धालुओं की बाइट हुई दुर्घटनाग्रस्त, दो गंभीर घायल

जलाशयों के बांधों पर लगातार रखी जा रही निगरानी
मानसून से पूर्व नदियों के संवेदनशील स्थलों पर चैनेलाइजेशन का कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। विभिन्न शहरों में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए जीआईएस आधारित जल निकासी योजना तैयार की गई है। हरिद्वार के भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी का कार्य पूरा हो चुका है। सिंचाई विभाग के जलाशयों के बांधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आपात स्थिति के लिए बोल्डर, आरबीएम और रेत की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

सड़कें बंद होने पर पहले ही लोगों को सूचना देने के निर्देश
विभागीय मंत्री सतपाल महाराज ने बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क बंद होने पर लोगों को पहले ही सूचना मिल जाए। इससे यात्री वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। मानसून सीजन को देखते हुए सभी सड़कों के उचित रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने 3946 पैचवर्क के लक्ष्य के मुकाबले 3968 पैचवर्क पूरे किए हैं। हर सीजन में प्रभावित होने वाली 1199 सड़कों के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने को कहा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed