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हरि की नगरी में वानर सेना का आतंक
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 27 Apr 2015 06:49 PM IST
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धर्मनगरी हरिद्वार में वानर सेना के आतंक से स्थानीय लोग एवं श्रद्धालु परेशान हैं। स्थिति यह है कि श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान भी बंदर लोगों की आस्था को चोट पहुंचा रहे हैं। समस्या की जानकारी के बावजूद निगम निगम और वन विभाग कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साधे हुए हैं।
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रेलवे स्टेशन हो बस अड्डा या फिर कोई अन्य सार्वजनिक स्थल। हर जगह बंदरों की भरमार है, जो कई बार यात्रियों पर भी हमला कर देते हैं। जिला अस्पताल, श्रवणनाथ नगर समेत अन्य होटल और धर्मशालाओं में बंदर झुंड बनाकर लोगों को आतंकित कर घायल कर चुके हैं।
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लगातार बढ़ती समस्या पर नगर निगम और वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों का शांत रुख लोगों के लिए आफत बना हुआ है।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के हाथ से बंदर झपट्टा मारकर सामान छीन रहे हैं। कई श्रद्धालु बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं, लेकिन बंदरों को क्षेत्र से हटाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है।
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- पंडित किशन कुमार, निवासी कनखल घाट
यात्रियों पर आए दिन बंदरों के हमले से धर्मनगरी की छवि खराब हो रही है। कई बार बंदरों ने होटल में घुसकर बच्चों और महिलाओं को घायल किया है।
- महेंद्र सिंह बिष्ट, निवासी मायापुर
पौराणिक धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु आस्था पूर्वक पूजन सामग्री लाते हैं, जिसे बंदर खंडित कर देते हैं और ये सिर्फ एक दिन की बात नहीं है। रोज ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
- महेंद्र अरोड़ा, निवासी कनखल
चिड़ियापुर रेंज में बंदरवाड़ा बनाए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। धनराशि के अभाव में बंदरवाड़ा नहीं बन पाया है। शासन से धनराशि मिलने के बाद जल्द ही इसे बनाया जाएगा।
- एचके सिंह, डीएफओ (प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार वन प्रभाग)