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भारत में बन रहा नेपाल के बांध का मॉडल, पीछे है यह खास बात
Mon, 14 Jan 2019 03:43 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
राजेश शर्मा, अमर उजाला, हरिद्वार
राजेश शर्मा, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 14 Jan 2019 03:43 PM IST
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- फोटो : डेमो
केंद्र सरकार के सहयोग से नेपाल की अरुण नदी पर बन रही बिजली परियोजना के मॉडल बनाने की जिम्मेदारी भी उत्तराखंड के सिंचाई विभाग को मिली है। बहादराबाद स्थित सिंचाई विभाग के जल अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने मॉडल बनाने का काम शुरू कर दिया है। कुछ महीनों में ही मॉडल बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद नेपाल का दल इस मॉडल को देखने यहां आएगा।
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कई परियोजनाओं के मॉडल बनाने का श्रेय है अनुसंधान केंद्र को
जिस बहादराबाद के अनुसंधान केंद्र में इस परियोजना का मॉडल तैयार किया गया है। उस केंद्र के नाम देश विदेश के कई बांध परियोजनाओं व नदियों पर बने मॉडल तैयार करने का गौरव भी हासिल है। हॉल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम की ब्रह्मपुत्र नदी पर बने जिस पुल का लोकार्पण किया था, उसका निर्माण का मॉडल भी इसी अनुसंधान केंद्र में तैयार किया गया था।
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भारत और नेपाल की सरकारों के बीच चल रहे साझा परियोजनाओं में अरुण नदी पर बनने वाली यह महत्वपूर्ण बिजली परियोजना भी शामिल है। इस परियोजना का निर्माण मिनिरल कंपनी सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड की ओर से किया जाना है। प्राथमिक स्तर पर इसका काम शुरू भी हो गया है। परियोजना का मॉडल तैयार करने की जिम्मेदारी बहादराबाद स्थित जल अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों को सौंपी गई है।
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अधिशासी अभियंता जयेंद्र जैरा के निर्देशन में अवर अभियंता तरुण गुप्ता, डीएस रावत, शोध पर्यवेक्षक जयपाल सिंह और नवीन सेमवाल आदि की टीम मॉडल का अध्ययन करने में जुटी है। अवर अभियंता तरुण गुप्ता और डीएम रावत ने बताया कि इस परियोजना से करीब 900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस प्रोजेक्ट को अरुण-3 प्रोजेक्ट 900 एमडब्लू नाम दिया गया है। शीघ्र ही नेपाल से संबंधित अधिकारियों का एक दल मॉडल का अध्ययन करने हरिद्वार आएगा।