इंग्लैंड के आइडिया से किसानों की हुई बल्ले-बल्ले
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हाथ से हाथ मिलें तो कोई भी काम आसान हो जाता है। इस फार्मूले पर अमल करते हुए कुछ डेयरी किसानों ने प्रोग्रेसिव डेयरी फारमर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) के रूप में ऐसा मॉडल विकसित किया है।
जिसमें हर किसान को लोन से लेकर तकनीकी जानकारी तक की मदद मिल जाती है। कोई भी सदस्य किसान एक लाख रुपए तक का लोन मामूली ब्याज पर बिना परेशानी ले सकता है।
एसोसिएशन शिक्षित बेरोजगार युवाओं को डेयरी व्यवसाय की ओर प्रेरित भी कर रही है।
इंग्लैंड से मिला आइडिया
पशुपालन विभाग में सलाहकार रहे देहरादून डिफेंस कॉलोनी निवासी डॉ. हरेंद्र सिंह रावत को इंग्लैंड जाने का मौका मिला तो वे वहां के डेयरी मैनेजमेंट को देखकर हैरान रह गए।
वहां पांच आदमी आधुनिक मशीनों से 250 से 300 गायों का डेयरी फार्म आसानी से संभल रहे हैं। इस तकनीक को दून के किसानों तक पहुंचने के लिए डॉ. रावत ने दिसंबर 2012 में कुछ किसानों के साथ पीडीएफए का गठन किया।
शुरुआत में एसोसिएशन से 18 किसान जुड़े, लेकिन अब संख्या 450 पहुंच गई है। दून में दस मॉडल डेयरियों की स्थापना की गई है, जिससे प्रतिदिन दो लाख लीटर दून का उत्पादन किया जा रहा है।
सदस्यता शुल्क और ब्याज के जरिये एसोसिएशन के खाते में 20 लाख रुपए जमा हो चुके हैं। इसी राशि से सदस्यों को एक लाख रुपए तक लोन दिया जाता है। एसोसिएशन के जरिये बैंक से भी लोन आसानी से मिल जाता है।
...और जीत गए जितेंद्र
अजबपुर निवासी जितेंद्र कुशवाहा एमएससी करने के बाद दस साल तक नौकरी के लिए भटकते रहे। बीच में प्राइवेट नौकरी भी मिली, लेकिन संतुष्टि नहीं।
पीडीएफए के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह रावत के सुझाव पर जितेंद्र ने डेयरी व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने सरस्वती विहार अजबपुर में प्रोजेक्ट लगाया।
वे ढाकी गांव सहसपुर में छोटे किसानों से दूध खरीदकर दही, पनीर, मक्खन, घी आदि दुग्ध उत्पाद तैयार कर रहे हैं।
दूध की जांच के लिए उन्होंने गांव में दुग्ध एनालाइजर मशीन और बल्क मिल्क कूलर मशीन लगाई है। फिलहाल उनका मासिक टर्नओवर डेढ़ लाख रुपए है।
एक साथ 12 गायों का दूध
सहसपुर ब्लॉक के ढाकी छरबा में किसान परमवीर सिरोही मॉडल डेयरी के मालिक हैं। मार्च 2013 में 250 उन्नत नस्ल की गायों से उन्होंने इसकी शुरूआत की।
इस डेयरी में मशीन के जरिये एक साथ 12 गायों का दूध निकाला जाता है। गायों के गले में बंधे रेडिया टैग के जरिये गायों की मॉनीटरिंग कंप्यूटर पर होती है। डेयरी में प्रतिदिन 2200 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है।