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गजब! अब जूते से चार्ज होगा मोबाइल और जलेगा एलईडी बल्ब, यकीन नहीं हो रहा यहां पढ़िए कैसे?

Wed, 31 Oct 2018 08:39 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, अल्मोड़ा
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, अल्मोड़ा Updated Wed, 31 Oct 2018 08:39 AM IST
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Mobile charging by shoes unique invention by student
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जूते से मोबाइल जार्च कर सकेंगे। इतना ही नहीं बिजली भी मिल सकेगी। जी हां, पढ़ने में अजीब जरूर लगेगा लेकिन यह बिल्कुल सच है। राजकीय इंटर कालेज लमगड़ा के छात्र विनय कपकोटी ने बहुउद्देश्यीय जूता बनाया है।

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इस जूते से मोबाइल चार्ज होने के साथ ही पांच वोल्ट का एलईडी  बल्ब भी जलेगा। बाल वैज्ञानिक विनय के इस प्रोजेक्ट का चयन 23 से 28 नवंबर तक सरदार पटेल स्टेडियम नवरंगपूरा अहमदाबाद में होने वाली 45वीं जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए हुआ है। 
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विनय ने शिक्षक विनोद कुमार राठौर के मार्गदर्शन में यह बहुउद्देश्यीय जूता तैयार किया है। जूते में विद्युत ऊर्जा संरक्षित करने के लिए 3.6 वोल्ट (700 मिली एंपियर) की एक बैटरी लगाई गई है। 

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Mobile charging by shoes unique invention by student
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इसके साथ ही इन्वर्टर सर्किट लगा है जो 3.6 बोल्ट की विद्युत ऊर्जा को पांच बोल्ट में परिवर्तित करता है। जूते के आगे एक एलईडी लगाई गई है जो रात को उजाले के लिए उपयोग में लाई जा सकती है।

जूते के बाहर एक यूएसबी बोर्ड लगा है जिससे मोबाइल और विद्युत उपकरणों को चार्ज किया जा सकता है। जूते का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि सारे सर्किट जूते के तले में फिट हो जाते हैं।  

जब कोई भी आदमी जूता पहनकर चलेगा तो उसके तले में लगाया गया गियर चलेगा और पांच वोल्ट के डायनमो से जुड़ा  गियर घूमने लगेगा। डायनमो एक छोटी मोटर से जुड़ा है। डायनमो के चलने से मोटर चलेगी और बिजली पैदा होगी।
 

शिक्षक और माता-पिता को दिया श्रेय

Mobile charging by shoes unique invention by student
vinay

इन्वर्टर  के माध्यम से बिजली तले में लगी बैटरी में संरक्षित होती रहेगी। मार्गदर्शक शिक्षक विनोद राठौर ने बताया कि जूते को खास तौर पर सेना को ध्यान रखकर डिजाइन किया गया है। क्योंकि सैनिक कई दिनों तक सीमा में जंगलों में रहते हैं, जहां बिजली की कोई व्यवस्था नहीं हो पाती है।

यहां वह बहुद्देश्यीय जूते से आसानी से मोबाइल चार्ज कर सकते हैं। जूते के आगे लगी एलईडी के प्रकाश में रात में आसानी से कांबिंग की जा सकती है। बाल वैज्ञनिक विनय कपकोटी के पिता बहादुर सिंह कपकोटी कृषक और माता गृहिणी हैं। विनय ने उपलब्धि का श्रेय मार्गदशक शिक्षक विनोद कुमार राठौर और माता-पिता, विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश बिष्ट को दिया है।

उसकी उपलिब्ध पर सीईओ जगमोहन सोनी, डीईओ एचबी चंद, आरएस यादव, डायट के प्राचार्य राजेंद्र सिंह, बीईओ तारा सिंह, डॉ. भुवन पांडे, दिनेश रावत, डॉ. राजेश वर्मा, सावित्री टम्टा आदि ने प्रसन्नता जताई है।

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