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मनरेगा श्रमिकों को छह माह नहीं मिली मजदूरी
अमर उजाला, कंडीसौड़ (टिहरी)
Updated Thu, 19 Dec 2013 06:22 PM IST
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थौलधार प्रखंड में मनरेगा योजना के तहत छह माह पहले बयाड़गांव, कंडीसौड़, नेरी, भंगर, घोन, लालुरी, बरनू, डांग, कंस्यूड़ और उप्पू आदि कई गांवों में चेकडैम, नहर और पौधारोपण आदि कार्य कराए गए थे। इसका भुगतान 15 दिन में किया जाना था, लेकिन छह माह बाद भी श्रमिक मजदूरी पाने के लिए भटक रहे हैं।
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परिवार का खर्च चलाना मुश्किल
क्यार्दा के जयप्रकाश नौटियाल, बयारगांव की ऊषा देवी, घोन की प्रकाशी देवी, कंडीसौड़ की रेखा देवी और कैंछू के मनरेगा श्रमिक उत्तम दास ने बताया कि परिवार के भरण-पोषण के लिए मजदूरी करने के बाद भी मेहनताना नहीं मिल रहा है, जिससे परिवार का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है।
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भुगतान को लेकर ब्लाक कार्यालय के कई बार चक्कर काटे लेकिन मजदूरी नहीं मिली। उन्होंने शीघ्र ही मजदूरी का भुगतान करने की मांग की है। थौलधार के खंड विकास अधिकारी मुन्नी कुलियाल का कहना है कि प्रखंड में मनरेगा का डेढ़ करोड़ तक भुगतान होना है, लेकिन धनराशि समय पर न मिल पाने के कारण श्रमिकों का भुगतान नहीं हो पाया।
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ब्लाक को एक करोड़ रुपये मिले हैं, जिससे अब जल्द ही मजदूरी दी जाएगी। ग्राम पंचायत अधिकारियों से जल्द फाइल जमा कराने को कहा गया है।