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कैंट बोर्ड का फैसला: चहेते ठेकेदारों से नहीं करा पाएंगे काम

Sat, 05 Nov 2016 03:06 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 05 Nov 2016 03:06 PM IST
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mla sansad cant give work direct to contractor.
चहेते ठेकेदार को नहीं दे सकेंगे काम

गढ़ी कैंट में सांसद और विधायक चहेते ठेकेदारों से विकास कार्य नहीं करवा पाएंगे। अब निर्माण कार्य के लिए सांसद और विधायक निधि के तय पैसे उन्हें कैंट बोर्ड डेवलपमेंट फंड में जमा करना होगा। इस पैसे से कैंट बोर्ड अपने हिसाब से विकास कार्य कराएगा और जिसके निधि से कार्य होगा बोर्ड पर उसका ही नाम अंकित होगा। गढ़ी कैंट के बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में और भी कई प्रस्तावों पर मुहर लगी।

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शुक्रवार को कैंट बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल बलराज मेहता की अध्यक्षता में हुई बैठक में उक्त प्रस्ताव रखा गया। जिसे सभासदों की सहमति से पास कर दिया गया। कैंट सीईओ जाकिर हुसैन ने बताया कि सांसद या विधायक अपनी निधि से अपने क्षेत्र में पड़ने वाले कैंट एरिया में विकास कार्य करवाना चाहते हैं उसके लिए अब उन्हें बोर्ड से एनओसी नहीं मिलेगी।
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जो भी काम जन प्रतिनिधि करवाना चाहते हैं उसके बजट की राशि उन्हें अब कैंट डेवलेपमेंट फंड में जमा करवानी होगी। इस राशि से कैंट बोर्ड उस काम को खुद करवाएगा।
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दूर होगा घपला
इससे काम की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही विकास कार्यों के नाम पर घपले की आशंका भी खत्म हो जाएगी। उन्होंने ने बताया कि कैंटोनमेंट एक्ट में प्रावधान है कि कैंट डेवलेपमेंट फंड में प्राइवेट पार्टी, सांसद निधि या विधायक निधि से पैसा जमा करवाया जा सकता है। जिससे विकास कार्य किए जा सकते हैं। इसी के तहत ये प्रस्ताव पास किया गया है। इस अवसर पर कैंट उपाध्यक्ष राजेंद्र कौर सोंधी, सभासद मीनू, मेघा, विनोद पंवार, कमल राज, जितेंद्र तनेजा, हितेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

पुराने शौचालय की जगह बनेंगे पार्क
बोर्ड बैठक में आठ पुराने शौचालय को तोड़कर यहां पार्क बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। ये सभी शौचालय खंडहर हो चुके हैं और कुछ पर तो लोगों ने कब्जा भी कर लिया है। ऐसे में इन जगहों पर दोबारा शौचालय बनाना संभव नहीं है। क्योंकि जर्जर शौचालय के आसपास कई घर भी बन चुके हैं। प्रेमनगर स्थित विंग नंबर एक, दो, चार, पांच, छह, सात सहित डाकरा में पुराने शौचालय की जगह नए पार्क बनाए जाएंगे।


लगेंगे वाटर एटीएम और मोबाइल बायो टॉयलेट
सभी छावनियों को स्मार्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी क्रम में कैंट के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए आबादी के हिसाब से क्षेत्रों में वाटर एटीएम लगाए जाएंगे। बैठक में यह प्रस्ताव भी पास हुआ। सीईओ जाकिर हुसैन ने कहा कि एक एनजीओ ने दो कैंट क्षेत्र में पानी का एटीएम लगाया है। एनजीओ से बातचीत कर इस कार्य से जल्द पूरा किया जाएगा। वाटर एटीएम लगने से पानी की किल्लत दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मोबाइल बायो टॉयलेट भी बहुत जल्द कैंट क्षेत्र में लगेंगे। इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं।

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