मरा समझ मां का कर दिया था श्राद्ध, जिंदा मिली
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सात साल तक बेटों ने मां का इंतजार किया और आखिरकार मृत समझ श्राद्ध कर दिया। तभी उन्हें मां के जिंदा होने की खबर मिली। उत्तराखंड के गोपेश्वर में घाट बाजार में दो दिनों से पुलिस सुरक्षा में रह रही महिला को बृहस्पतिवार को पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस दो दिनों से महिला के बताये पते को ढूंढने में लगी हुई थी। छानबीन पर पता चला कि महिला कि आठ वर्ष पूर्व गुमशुदगी दर्ज की गई थी।
दो दिन पूर्व घाट में मिली महिला ने अपने को केदारनाथ आपदा में बेटे से बिछुड़ने और दर-दर भटकने की बात कही थी। बुधवार को पुलिस ने महिला के बताए पते पर उत्तर प्रदेश के रेहारा बाजार थाने में संपर्क किया। जहां से महिला की आठ वर्ष पूर्व गुमशुदगी दर्ज मिली। इस पर पुलिस ने महिला के परिजनों को इसकी सूचना दी।
बृहस्पतिवार को महिला का पुत्र सोनू सैनी और उसके मामा का लड़का घाट पहुंचे। बेटे ने मां को पहचान लिया।
मां के गम में पिता की भी हो गई मौत
सोनू ने बताया कि मां वर्ष 2007 के जनवरी माह में बिना बताए घर से चली गई थी। वह कई बार बिना बताए रिश्तेदारों के घर चली जाती थी, जिस वजह से हमने शुरुआत में उसकी खोज नहीं की। अधिक समय होने और मां के घर न लौटने पर उनकी गुमशुदगी दर्ज करवाई। उनका कहीं पता न चलने पर उन्हें मृत मान लिया गया।
मां के न मिलने से परेशान पिता असरफी लाल की 21 नवंबर 2014 को मौत हो गई। इसी जनवरी माह में हमने पिता के साथ और मां का श्राद्ध भी कर दिया था। सोनू का कहना है कि मां बार-बार केदारनाथ के बारे में बात कर रही है। तो हो सकता है, आपदा के दौरान वह केदारनाथ भी गई हो।
इनका है कहना
घाट में मिली महिला केदारनाथ आपदा की लापता नहीं है। छानबीन करने के बाद महिला को सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। महिला मानसिक रूप से कमजोर है।
-सुनील कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक, चमोली।