Dehradun News: जनता से दुर्व्यवहार पड़ा महंगा, एडीएम प्रशासन के पद से हटाए गए बरनवाल
एसके बरनवाल काफी समय से देहरादून में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात थे। उन्हें शुक्रवार को अचानक पद से हटाने का शासन ने आदेश जारी कर दिया।
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विस्तार
एडीएम प्रशासन एसके बरनवाल को शासन ने हटा दिया है। उन्हें राजस्व परिषद कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इसके पीछे की वजह उनका पिछले दिनों जनता से दुर्व्यवहार माना जा रहा है।
इनमें से एक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद वह विवादों में आ गए थे। एक मामले में तो खुद जिलाधिकारी को हस्तक्षेप करना पड़ा था। इसके साथ ही काम में लापरवाही के कुछ कारण भी इस कार्रवाई की वजह बताए जा रहे हैं।
एसके बरनवाल काफी समय से देहरादून में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात थे। उन्हें शुक्रवार को अचानक पद से हटाने का शासन ने आदेश जारी कर दिया। उनके हटने के बाद कई तरह की बातें सामने आने लगीं। इन सभी का चिट्ठा शासन के पास पहुंच गया।
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कुछेक मामलों की कुछ अधिकारियों ने दबे होंठ पुष्टि भी की है। हालांकि, अधिकारिक तौर पर उनके हटाए जाने के कारणों को स्पष्ट नहीं किया गया है। अभी तक उनके हटाए जाने के बाद नया अधिकारी एडीएम प्रशासन के पद तैनात नहीं किया गया है। इसके लिए सोमवार को आदेश जारी हो सकते हैं।
कारण एक
‘भारत के नागरिक’ पर टिप्पणी से आए विवादों में
कुछ दिन पहले ऋषिकेश की आईडीएल कॉलोनी में स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान एक व्यक्ति ने अपनी बात रखनी चाही तो उन्होंने आदेश का हवाला देकर चुप करा दिया। व्यक्ति को कहते सुना गया कि वह भारत का नागरिक होने के नाते अपनी बात तो रख ही सकता है। इस पर उन्होंने भारत की नागरिकता के ऊपर ही आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और बरनवाल विवादों में आ गए। कई मीडिया चैनलों ने भी इसे मुद्दा बनाया।
कारण दो
बजरंगदल कार्यकर्ताओं से दुर्व्यवहार
पिछले दिनों नूंह में हुई हिंसा के विरोध में बजरंगदल के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान एडीएम प्रशासन एसके बरनवाल भी वहां मौजूद थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कह दिया कि जिस जगह हिंसा हुई वहां जाकर प्रदर्शन करो। इस पर कार्यकर्ता गुस्सा हो गए और उनके खिलाफ ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस मामले में जिलाधिकारी को ही हस्तक्षेप करना पड़ा। तब जाकर बजरंगदल कार्यकर्ता शांत हुए।
कारण तीन
गड़बड़ी की शिकायतें आईं, मगर नहीं लिया गंभीरता से
रजिस्ट्रार कार्यालय में गड़बड़ी कुछ दिन पहले ही उजागर हुई थी। हालांकि, सब रजिस्ट्रार कार्यालय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। लेकिन, यहां पर गड़बड़ी की लगातार शिकायतें आ रही थीं। बावजूद इसके उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यदि लिया जाता तो मामला पहले ही खुल जाता। सूत्रों के मुताबिक, रिकॉर्ड रूम में गड़बड़ी की कुछ शिकायतें भी उनके सामने आई थीं। ऐसे में इनकी पहले ही जांच करा ली जाती तो मामला शायद इतना न बढ़ता।