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अल्पसंख्यक कल्याण का बजट नहीं हो रहा खर्च
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 19 Feb 2016 12:38 PM IST
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समाज कल्याण की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह भी खुलकर सामने आया कि अल्पसंख्यक कल्याण का बजट विभाग खर्च ही नहीं कर रहे हैं।
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निर्माण कार्यों का जिलाधिकारियों के स्तर पर ही करीब 16 करोड़ रुपये अनुपयोगी पड़ा हुआ है। वहीं केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति के लिए 150 करोड़ रुपये में से केवल 17.28 करोड़ रुपये का बजट ही जारी किया है।
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बृहस्पतिवार को विधानसभा में आयोजित समीक्षा बैठक में समाज कल्याण मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं में बजट खर्च नहीं होने पर खासी नाराजगी जताई। नेगी ने विभागों को समन्वय बनाकर काम करने की हिदायत दी। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय मुख्यमंत्री हरीश रावत के पास है। नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस मामले को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन भी किया जाए।
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निर्माण कार्यों में जिलाधिकारियों के पीएलए में जमा शेष बचे 16 करोड़ रुपये भी जल्द खर्च करने का निर्देश मंत्री ने दिया। बताया गया कि छात्रवृत्ति मद में केंद्र सरकार ने अब तक 17.28 करोड़ रुपये का बजट ही जारी किया है। पूरा बजट करीब 150 करोड़ रुपये का है।
नेगी ने मामले में उपयोगिता प्रमाणपत्र के साथ केंद्र को शेष धनराशि जारी करने के लिए पत्र भेजने का निर्देश सचिव समाज कल्याण को दिए। बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1065 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया जा चुका है। नेगी ने आश्रम पद्धति विद्यालयों और छात्रावासों में एलईडी बल्ब लगाने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि इससे बिजली खर्च में कमी आएगी।