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Dehradun News: पछवादून से जौनसार तक मिनिस्ट्रीयल कर्मियों की हड़ताल, तहसीलों में कामकाज ठप
Sat, 17 Oct 2026 07:18 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Sat, 17 Oct 2026 07:18 PM IST
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मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की एकदिवसीय हड़ताल के चलते शनिवार को पछवादून और जौनसार-बावर के सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। विकासनगर, कालसी, चकराता और त्यूणी तहसीलों में कर्मचारियों के कार्य-बहिष्कार के चलते सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान एसडीएम और तहसीलदार न्यायालयों से संबंधित कार्य भी नहीं हो सके, जिससे फरियादियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, ग्रेड पे उच्चीकृत करने, विभिन्न पदों के लिए शैक्षिक योग्यता बढ़ाने, विभागीय पुनर्गठन करने और पदनाम बदलने समेत अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शनिवार को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। इसके चलते क्षेत्र के तहसील मुख्यालयों समेत अन्य सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद रहे।
दूरस्थ क्षेत्रों में भी दिखा व्यापक असर
हड़ताल का असर चकराता और त्यूणी जैसे दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में भी देखने को मिला। चकराता तहसील में पेशकार दिनेश वर्मा, कनिष्ठ सहायक प्रदीप और कार्तिक समेत अन्य कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल रहने से संबंधित कार्यालयों का कामकाज ठप रहा। अधिवक्ता सुशील कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण दूर-दराज के गांवों से तहसीलों में पहुंचे ग्रामीणों को अपने जरूरी कार्यों के लिए भटकना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद भी काम न होने पर कई लोगों को निराश होकर बैरंग लौटना पड़ा।
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मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, ग्रेड पे उच्चीकृत करने, विभिन्न पदों के लिए शैक्षिक योग्यता बढ़ाने, विभागीय पुनर्गठन करने और पदनाम बदलने समेत अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शनिवार को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। इसके चलते क्षेत्र के तहसील मुख्यालयों समेत अन्य सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद रहे।
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दूरस्थ क्षेत्रों में भी दिखा व्यापक असर
हड़ताल का असर चकराता और त्यूणी जैसे दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में भी देखने को मिला। चकराता तहसील में पेशकार दिनेश वर्मा, कनिष्ठ सहायक प्रदीप और कार्तिक समेत अन्य कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल रहने से संबंधित कार्यालयों का कामकाज ठप रहा। अधिवक्ता सुशील कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण दूर-दराज के गांवों से तहसीलों में पहुंचे ग्रामीणों को अपने जरूरी कार्यों के लिए भटकना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद भी काम न होने पर कई लोगों को निराश होकर बैरंग लौटना पड़ा।
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