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Dehradun: मंत्री हरदीप सिंह पुरी बोले, बदलते दून के लिए लाइट मेट्रो चलाने पर विचार, यहीं रहेगा ओएनजीसी
Sun, 08 Feb 2026 03:44 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 08 Feb 2026 03:44 PM IST
सार
वर्ष 2018 में ओएनजीसी का स्थायी खाता संख्या (पैन) देहरादून से दिल्ली स्थानांतरित करने का प्रयास हुआ था। ओएनजीसी ने उत्तराखंड के मुख्य आयकर आयुक्त को इस संबंध में पत्र लिखा था लेकिन यूनियन के विरोध के बाद विराम लगा था।
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हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने साफ किया है कि ओएनजीसी के देहरादून स्थित मुख्यालय को दिल्ली या अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। उन्होंने राजधानी में भविष्य में यातायात दबाव बढ़ने पर लाइट मेट्रो जैसे विकल्पों पर विचार करने की बात भी कही।
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वर्ष 2018 में ओएनजीसी का स्थायी खाता संख्या (पैन) देहरादून से दिल्ली स्थानांतरित करने का प्रयास हुआ था। ओएनजीसी ने उत्तराखंड के मुख्य आयकर आयुक्त को इस संबंध में पत्र लिखा था लेकिन यूनियन के विरोध के बाद विराम लगा था। ओएनजीसी अपने कर्मचारियों का सालाना करीब 8,500 करोड़ रुपये से ऊपर आयकर जमा करता है। उत्तराखंड की ओर से आयकर का सबसे बड़ा अंश ओएनजीसी की ओर से ही जमा होता है। इस लिहाज से ओएनजीसी उत्तराखंड की आर्थिकी में अहम भूमिका मानी जाती है। पिछले कुछ वर्षों से ओएनजीसी का मुख्यालय या मुख्य कार्यालय दिल्ली स्थानांतरित करने की चर्चाएं चल रही हैं। अमर उजाला से बातचीत में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इससे साफ इंकार कर दिया। कहा, ऐसी कोई योजना नहीं है।
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देहरादून में मेट्रो रेल, नियो मेट्रो के प्रस्ताव मंत्रालय में लंबित होने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि जब वह जुलाई 1974 में एलबीएस एकेडमी मसूरी में प्रशिक्षण लेने आए थे, उसके सापेक्ष आज सड़कों पर निश्चित तौर पर दबाव बढ़ा है। आबादी बढ़ रही है लेकिन मेट्रो जैसा प्रोजेक्ट बहुत खर्चीला है। एक दो शहरों को छोड़कर ज्यादातर मेट्रो लॉस में चल रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में आबादी के हिसाब से लाइट मेट्रो जैसे विकल्प पर जरूर विचार किया जा सकता है। ब्यूरो
पहाड़ नहीं पहुंच सकती पीएनजी-सीएनजी
एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि पीएनजी या सीएनजी पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों तक भौगोलिक रूप से पहुंचानी मुश्किल है। वहीं, उन्होंने तेल रिफाइनरी में भारत की आत्मनिर्भरता के लिए चल रहे प्रयासों के बारे में बताया। कहा कि अब पीएम ने देश के खातिर हर साल 150 कुएं खोदने के निर्देश दिए हैं। हम खुद के तेल की तेजी से खोज में जुटे हुए हैं।