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इस करोडों की 'संपत्ति' का कोई रखवाला नहीं

Wed, 16 Oct 2013 03:40 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 16 Oct 2013 03:40 PM IST
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millions of devices in SAF Winter Games

उत्तराखंड में ओली सैफ विंटर गेम्स के लिए खरीदे करोड़ों के उपकरणों की सुरक्षा में तैनात गार्ड उपनल ने हटा दिए हैं।

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डेढ़ बरस का वेतन बकाया
सुरक्षा गार्डों के डेढ़ बरस के बकाया वेतन को लेकर जीएमवीएन से कोई जवाब न आने पर उपनल ने यह कदम उठाया है। अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि इतने लंबे अरसे तक बिना वेतन जीएमवीएन को सेवाएं देने वाले सुरक्षा गार्डों का लगभग 18 लाख रुपए का बकाया वेतन कहां से जारी होगा।

सैफ विंटर गेम्स परिसर औली में ग्लास हाउस, स्की स्लोप्स, स्की लिफ्ट, चेयर लिफ्ट, स्नो गन, झील पंप हाउस सहित कई अन्य उपकरण रखे गए हैं। कीमती होने के चलते उपनल के माध्यम से यहां 15 पूर्व सैनिकों को सुरक्षा कर्मी और सुपरवाइजर की तैनाती दी गई।
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अस्पष्ट जवाब
पहले खेल विभाग की ऑर्गेनाइजिंग कमेटी फॉर विंटर गेम्स ने इनके वेतन का भुगतान उपनल को किया इसके बाद जीएमवीएन को यह परिसर सौंप दिया गया। उपनल ने की बार जीएमवीएन को सुरक्षा कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए पत्र भेजा तो उन्होंने भुगतान को लेकर अस्पष्ट जवाब दिया।
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डेढ़ वर्ष से जारी पत्राचार के बाद सितंबर में उपनल ने 15 अक्टूबर की डेडलाइन निर्धारित कर जीएमवीएन को अवगत करवा दिया। मंगलवार को डेडलाइन समाप्त होने पर जब भुगतान पर कोई फैसला नहीं हुआ तो उपनल ने गार्ड हटाने के निर्देश दे दिए।

एमडी जीएमवीएन आर राजेश कुमार ने बताया कि इस तरह गार्ड नहीं हटाए जा सकते। वेतन का मसला संज्ञान में आया है, लेकिन वह उपनल को जारी करना है। निगम सिर्फ तैनात गार्डों की उपस्थिति उपनल को सौंपता है जो समय पर भेजी जा रही है।

उन्होंने जो पत्र लिखा था उसको लेकर अवगत करवा दिया कि तय व्यवस्था के तहत भुगतान किया जाए।

निगम की मजबूरी
एमडी उपनल ब्रिगेडियर एके बहुगुणा ने बताया कि निगम की यह मजबूरी है कि जिस विभाग में सुरक्षा कर्मी तैनात किये थे उससे भुगतान न मिलने पर कब तक तैनात रखते।


पिछले डेढ़ वर्ष से जीएमवीएन से पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। जिस विभाग को हम आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी देते हैं वही से भुगतान किया जाता है।

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