फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Medicines and equipment records will be online in medical colleges

Asset tracking System: ऑनलाइन होगा मेडिकल कॉलेजों में दवा और उपकरणों का रिकॉर्ड, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज 

Sun, 10 Jul 2022 12:17 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 10 Jul 2022 12:17 PM IST
सार

मेडिकल कॉलेज में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता का सही तरीके से प्रबंधन नहीं किया जाता है। जिससे कई बार समय पर दवाइयों व उपकरण उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। असेट ट्रेकिंग प्रणाली से मेडिकल कॉलेजों में भंडार प्रबंधन में दक्षता और पारदर्शिता आएगी।

विज्ञापन
Medicines and equipment records will be online in medical colleges
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार चारों राजकीय मेडिकल कॉलेजों में असेट ट्रेकिंग सिस्टम लागू करेगी। इससे यह फायदा होगा मेडिकल कॉलेजों में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और कमी को आसानी से ट्रेक किया जा सकेगा, जिससे मरीजों को सुलभ और बेहतर इलाज मिल सकेगा। 

विज्ञापन


 सेंटलमिंट इंडिया कंपनी ने मेडिकल कॉलेजों के लिए ब्लाक चेन टेक्नोलॉजी पर आधारित असेट ट्रेकिंग सिस्टम को विकसित किया है। इस प्रणाली का इस्तेमाल हेल्थ केयर क्षेत्र में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों के भंडार प्रबंधन को आसान बनाएगा। सरकार पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस प्रणाली को प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेज दून, हल्द्वानी, श्रीनगर और अल्मोड़ा में शुरू करने जा रही है। 
विज्ञापन


खास बात यह है कि मेडिकल कॉलेज में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता का सही तरीके से प्रबंधन नहीं किया जाता है। जिससे कई बार समय पर दवाइयों व उपकरण उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं कई स्वास्थ्य संस्थानों में उपकरण होने के बाद भी इस्तेमाल नहीं होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आसानी से निगरानी कर सकेंगे अधिकारी

सरकार का मानना है कि असेट ट्रेकिंग प्रणाली से मेडिकल कॉलेजों में भंडार प्रबंधन में दक्षता और पारदर्शिता आएगी। साथ ही चिकित्सा उपकरणों पर जरूरत से अधिक व्यय में कमी आएगी। मेडिकल कॉलेजों में किन दवाइयों और उपकरणों की जरूरत है या अधिक मात्रा है। इसकी शासन स्तर पर उच्च अधिकारी भी आसानी से निगरानी कर सकेंगे। 

ये भी पढ़ें...Uttarakhand Corona Update: दो माह के बाद एक दिन में सबसे अधिक संक्रमित मिले, देहरादून फिर बन रहा हॉट स्पॉट

प्रदेश के चारों राजकीय मेडिकल कॉलेजों में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों के प्रबंधन के लिए असेट ट्रेकिंग सिस्टम को पायलट प्रोजेक्ट पर लागू किया जाएगा। यह प्रयोग सफल रहा तो इसे सरकारी अस्पतालों में भी लागू किया जा सकेगा। - आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव एवं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed