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घर वाले ढूंढ रहे थे लड़की, पर घर पहुंची तिरंगे में लिपटी बेटे की लाश
ब्यूरो / अमर उजाला, कर्णप्रयाग
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:08 PM IST
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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए फलोटा गांव के वीर सैनिक सूरज सिंह तोपाल का शनिवार को अलकनंदा और पिंडर के संगम पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। सेना के जवानों ने 24 राउंड फायर कर शहीद को अंतिम विदाई दी।
इस दौरान जैक्लाई(जम्मू एंड कश्मीर इंफैंट्री), गढ़वाल स्काउट, 9 माउंटेन, आर्टिलरी सहित अन्य यूनिटों के सैनिकों और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार के दौरान जहां इंडियन आर्मी के जयकारे लगे, वहीं पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
घर के एकलौते बेटे के लिए घर वाले लड़की तलाश रहे थे। घर वाले रिश्ता खोजने के लिए उत्साहित थे। बेटे की शादी के लिए नए-नए सपने संजोए जा रहे थे, लेकिन इस बीच बेटे के शहीद होने की खबर ने सबको गमगीन कर दिया। जब तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो परिजन सदमे में आ गए।
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करीबी लोगों ने बताया कि शहीद सूरज सिंह की शादी नहीं हुई थी। इन दिनों उनकी शादी की बात चल रही थी। उनकी मां विमला देवी, पिता नारायण सिंह और बहन सोनम उनके लिए रिश्ता खोजने के लिए उत्साहित थे।
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इस दौरान जैक्लाई(जम्मू एंड कश्मीर इंफैंट्री), गढ़वाल स्काउट, 9 माउंटेन, आर्टिलरी सहित अन्य यूनिटों के सैनिकों और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार के दौरान जहां इंडियन आर्मी के जयकारे लगे, वहीं पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
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घर के एकलौते बेटे के लिए घर वाले लड़की तलाश रहे थे। घर वाले रिश्ता खोजने के लिए उत्साहित थे। बेटे की शादी के लिए नए-नए सपने संजोए जा रहे थे, लेकिन इस बीच बेटे के शहीद होने की खबर ने सबको गमगीन कर दिया। जब तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो परिजन सदमे में आ गए।
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करीबी लोगों ने बताया कि शहीद सूरज सिंह की शादी नहीं हुई थी। इन दिनों उनकी शादी की बात चल रही थी। उनकी मां विमला देवी, पिता नारायण सिंह और बहन सोनम उनके लिए रिश्ता खोजने के लिए उत्साहित थे।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में तैनात था शहीद
indian army
कर्णप्रयाग ब्लॉक के फलोटा गांव निवासी नारायण सिंह और विमला देवी का इकलौता चिराग सूरज सिंह तोपाल (25) 50 राष्ट्रीय राइफल्स में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में तैनात था।
2 नवंबर को आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में सूरज सिंह शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर शनिवार सुबह फलोटा गांव पहुंचा। अंतिम दर्शन के बाद शहीद के जयकारों के साथ पार्थिव शरीर कर्णप्रयाग पहुंचा। मंडी परिसर से संगम घाट तक शहीद सूरज तोपाल, इंडियन आर्मी के जयकारे लगे तथा लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ भी नारेबाजी की। शहीद की अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था।
शहीद के अंतिम संस्कार में 9 माउंटेन के बिग्रेडियर रोहित चौधरी, आर्टिलरी से कर्नल मनु शुक्ला, 10 जैक्लाई के मेजर सुहैल प्रह्लाद माडू, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, थराली के विधायक मगन लाल, कर्णप्रयाग के एसएस नेगी, पूर्व विधानसबा उपाध्यक्ष डॉ. एपी मैखुरी, 50 आरआर से नायब सूबेदार महेंद्र सिंह, सिपाही सुमन रावत, जिला सैनिक बोर्ड के अधिकारी कर्नल नवीन डबराल, एडीएम ईला गिरि, एसडीएम केएन गोस्वामी, तहसीलदार विपिन चंद्र पंत, राजस्व निरीक्षक एसएस नेगी, बीडीओ एमपी भट्ट सहित हजारों लोग, जनप्रतिनिधि, राज्य आंदोलनकारी, स्वतंत्रता संग्रामी सेनानियों के आश्रित और व्यापारी मौजूद थे।
2 नवंबर को आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में सूरज सिंह शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर शनिवार सुबह फलोटा गांव पहुंचा। अंतिम दर्शन के बाद शहीद के जयकारों के साथ पार्थिव शरीर कर्णप्रयाग पहुंचा। मंडी परिसर से संगम घाट तक शहीद सूरज तोपाल, इंडियन आर्मी के जयकारे लगे तथा लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ भी नारेबाजी की। शहीद की अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था।
शहीद के अंतिम संस्कार में 9 माउंटेन के बिग्रेडियर रोहित चौधरी, आर्टिलरी से कर्नल मनु शुक्ला, 10 जैक्लाई के मेजर सुहैल प्रह्लाद माडू, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, थराली के विधायक मगन लाल, कर्णप्रयाग के एसएस नेगी, पूर्व विधानसबा उपाध्यक्ष डॉ. एपी मैखुरी, 50 आरआर से नायब सूबेदार महेंद्र सिंह, सिपाही सुमन रावत, जिला सैनिक बोर्ड के अधिकारी कर्नल नवीन डबराल, एडीएम ईला गिरि, एसडीएम केएन गोस्वामी, तहसीलदार विपिन चंद्र पंत, राजस्व निरीक्षक एसएस नेगी, बीडीओ एमपी भट्ट सहित हजारों लोग, जनप्रतिनिधि, राज्य आंदोलनकारी, स्वतंत्रता संग्रामी सेनानियों के आश्रित और व्यापारी मौजूद थे।