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देहरादून: शहीद सैनिक का बेटा स्मैक के साथ गिरफ्तार, पहले भी दो बार जा चुका जेल 

Fri, 05 Apr 2019 08:18 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 05 Apr 2019 08:18 PM IST
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Martyr soldier son arrested with Smack in dehradun
गिरफ्तारी - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

एसटीएफ की एंटी ड्रग टास्क फोर्स ने शहीद सैनिक के बेटे को दस ग्राम स्मैक के साथ दबोचा है। वह पहले भी दो बार जेल जा चुका है। गलत संगत में पड़कर नशीले पदार्थों के धंधे में उतर गया।  

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एसटीएफ की एंटी ड्रग टास्क फोर्स ने शहीद महेंद्र सिंह रजवार निवासी अलकनंदा एंकलेव के बेटे पुष्पेंद्र उर्फ अक्षय को दस ग्राम स्मैक के साथ रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है।
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एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार ने बताया कि पूछताछ में पुष्पेंद्र ने बताया कि वह यूपी के रामपुर से स्मैक लाकर जीएमएस रोड और वसंत विहार इलाके में बेचता है।

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उन्हाेंने बताया कि पुष्पेंद्र के पिता और भाई सेना में थे। पिता 2004 में दुश्मनाें से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे, जबकि पुष्पेंद्र का बड़ा भाई बाद में शहीद हुआ। यह गलत संगत में पड़कर नशीले पदार्थों के धंधे में उतर गया। पुष्पेंद्र नेहरू कॉलोनी और वसंत विहार क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट में पहले भी जेल जा चुका है। 

वहीं टास्क फोर्स भी पुलिस की तरह नशे के धंधे में सक्रिय छोटी मछलियों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपा रही है। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से लंबे समय से नशे की खेप पहुंचाने वाले मगरमच्छों के आगे वो भी बेबस है। एसटीएफ की एंटी ड्रग जबकि टास्क फोर्स गठित करने के पीछे अफसराें का मकसद बड़े लोगों पर कानूनी शिकंजा कसना ही था। 

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