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शहीद दीपक नैनवाल का पार्थिव शव पहुंचा देहरादून, कल पूरे सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 21 May 2018 06:21 PM IST
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deepak nainwal dead body
- फोटो : amar ujala
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बीती 10 अप्रैल की रात दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों के साथ 17 घंटे चली मुठभेड़ में जख्मी हुए दून के जवान नायक दीपक नैनवाल 40 दिन बाद जिंदगी की जंग हार गए। सोमवार को उनका पार्थिव शरीर देहरादून पहुंच गया।
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सोमवार को दोपहर बाद करीब चार बजे शहीद दीपक नैनवाल का पार्थिव शव जौलीग्राट एयरपोर्ट पहुंचा। जहां से शव को मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया। मंगलवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ हरिद्वार में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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बता दें कि रविवार को पुणे स्थित पैराप्लेजिक रिहैब सेंटर में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
शहीद के परिवार में मातम का माहौल
सदमे में परिजन
- फोटो : amar ujala
बेटे की मौत की खबर से शहीद के परिवार में मातम का माहौल है। मूल रूप से कर्णप्रयाग निवासी और देहरादून के हर्रावाला स्थित सिद्धपुरम् में रहने वाले राष्ट्रीय राइफल्स के जवान दीपक नैनवाल वर्ष 2001 में फर्स्ट महार रेजिमेंट के जरिये सेना में भर्ती हुए थे।
ढाई साल से वह कश्मीर के अनंतनाग में तैनात थे। बीती 10 अप्रैल की रात आतंकियों के खिलाफ चले अभियान में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। दो गोलियां उनके फेफड़े को चीरती हुई दिल के पास लगी थीं।
बीते 13 अप्रैल को उन्हें दिल्ली में सेना के आरआर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। नाजुक हालत को देखते हुए एक मई को इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से पुणे के पैराप्लेजिक रिहैब सेंटर रेफर किया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन रविवार सुबह करीब छह बजे दीपक की मृत्यु हो गई।
ढाई साल से वह कश्मीर के अनंतनाग में तैनात थे। बीती 10 अप्रैल की रात आतंकियों के खिलाफ चले अभियान में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। दो गोलियां उनके फेफड़े को चीरती हुई दिल के पास लगी थीं।
बीते 13 अप्रैल को उन्हें दिल्ली में सेना के आरआर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। नाजुक हालत को देखते हुए एक मई को इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से पुणे के पैराप्लेजिक रिहैब सेंटर रेफर किया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन रविवार सुबह करीब छह बजे दीपक की मृत्यु हो गई।