शराबबंद कराने के लिए माओवादियों ने किया कुछ ऐसा, फूल गए पुलिस के हाथ-पैर
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शराबबंद कराने के लिए माओवादियों ने ऐसा कदम उठाया कि पुलिस के हाथ पैर फूल गए। पढ़िए, पूरी खबर...
अल्मोड़ा के चौखुटिया में शराबबंदी आंदोलन को समर्थन में माओवादियों की धमक बढ़ती जा रही है। अब माओवादियों ने चौखुटिया सरकारी कार्यालयों में पर्चे फेंके हैं। इतना ही नहीं कई स्थानों पर वॉलपेंटिंग कर नारे व चेतावनी लिख डाले हैं।
इससे पहले माओवादी द्वाराहाट, अल्मोड़ा व बागेश्वर में भी इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे चुके हैं।
कई स्थानों पर दीवारों पर वॉलपेंटिंग मिली
चौखुटिया में तहसील भवन, अगनेरी मंदिर परिसर के पास बने बहुद्देशीय भवन, पेयजल पंपिंग हाउस टैंक समेत कई स्थानों पर दीवारों पर वॉलपेंटिंग मिली व पर्चे दिखे।
रात के समय यह हरकत की गई। वॉलपेंटिंग के जरिये महिलाओं के शराब बंदी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने के साथ ही चेतावनी दी गई है कि पूर्ण शराबबंदी नहीं की गई तो शराब की दुकानों को आग लगा दी जाएगी।
वॉलपेंटिंग में बेरोजगारों को 10 हजार रुपये मासिक भत्ता देने की मांग भी की गई है।
पर्चों की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन के होश उड़े
पर्चों में पब्लिक विद्यालयों को मनमानी फीस न लेने के लिए भी आगाह किया गया है। साथ ही पहाड़ के पानी व जवानी को रोकने की बात भी कही गई है।
इधर वॉलपेंटिंग व पर्चों की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन के होश उड़ गए। आनन-फानन में राजस्व व थाना पुलिस ने वॉलपेंटिंग को पोत दिया तथा फेंके गए पर्चों को एकत्र कर लिया गया। हालांकि पर्चे व पोस्टरों में राष्ट्र विरोधी नारे तो नहीं हैं, लेकिन शराबबंदी आंदोलन की आड़ में कानून व्यवस्था को चुनौती दी गई है।
सभी पर्चों व वॉल पेंटिंग के नीचे भाकपा-माओवादी लिखा है। सभी स्थानों पर लिखावट एक जैसी है तथा पर्चें भी पुराने लग रहे हैं। एसओ चौखुटिया ने कहा कि सूचना मिलते ही राजस्व पुलिस की मदद से वॉलपेंटिंग को तुरंत पोत दिया गया है।