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जिंदगी में उजाले की जगह जिंदगी भर का अंधेरा लेकर आयी दीपावली
ब्यूरो / अमर उजाल, रुड़की
Updated Fri, 20 Oct 2017 05:51 PM IST
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अंधा
जहां एक तरफ दीपावली करोड़ों लोगों की जिंदगी में नया सवेरा, उजियाला लेकर आयी, वहीं दीपावली कई की जिंदगी में अंधेरा लेकर आयी।
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दीपावली पर्व पर जहां पटाखा छुड़ाते समय एक नाबालिग की आंखों की रोशनी चली गई, वहीं 30 से अधिक लोग अस्पताल पहुंच गए। चौंकाने वाली बात यह है कि घायलों में ज्यादातर नाबालिग है और उनका रुड़की सिविल अस्पताल समेत अलग अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
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घटनाक्रम के मुताबिक झबरेड़ा क्षेत्र के महेशरी गांव निवासी छोटन का 11 वर्षीय बेटा जातीराम दीपावली की रात पटाखे छुड़ा रहा है । इसी बीच बम फोड़ते समय बम अचानक पास ही फट गया। जिसके चलते जातीराम की एक आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई, जबकि दूसरी को भी गंभीर चोंटे आयी है। नाबालिग की आंखों का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि दूसरी आंखों की रोशनी बच पाएगी इसकी उम्मीद बहुत कम हैं। फिलहाल उसका इलाज किया जा रहा है।
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शहर के चर्चित अभिलाषा आई हॉस्पिटल के निदेशक एवं नेत्र सर्जन डॉ. ग्रोवर के मुताबिक उनके अस्पताल में इस समय कुल मिलाकर 15 मरीज भर्ती है जो दीपावली के मौके पर पटाखा छुड़ाते समय घायल हो गए। सुकून देने वाली बात यह है कि किसी के आंखों की रोशनी नही गई। अलबत्ता ज्यादातर मरीजों की आंखें पटाखा छुड़ाते समय राकेट लग जाने से घायल हे गई है। जिसका इलाज किया जा रहा है।
डॉ. ग्रोवर के मुताबिक घायलों में ज्यादातर नाबालिग है जो पटाखा छुड़ाते समय असावधानी बरतने से घायल हो गए। दूसरी ओर रुड़की सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरविंद कुमार मिश्र के मुताबिक दीपावली से झुलसे चार मरीजों सुजाता, अनिल, सतीश कुमार, लव कुमार को अस्पताल में बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है। जहां मरीजों की हालत सामान्य बतायी जा रही है। इसके अलावा शहर के कई निजी अस्पतालों में कई घायलों का इलाज किया जा रहा है।