सीमा पर जवान गरज रहे हैं, इसलिए शांति हैः परिकर
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भाजपा की उत्तराखंड सरकार के खिलाफ आयोजित परिवर्तन यात्रा के समापन पर रक्षा मंत्री मनोहर परिकर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे देहरादून पहुंचे। जनता को संबोधित करते हुए परिकर ने कहा कि सीमा पर हमारे जवान गरज रहे हैं, इसलिए शांति है।
परिकर ने सैनिकों की धरती से किया दुश्मनों के खात्मे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड का विकास चाहती है। वन रैंक वन पेंशन की मांग केंद्र सरकार ने पूरी की। देश की सुरक्षा में उत्तराखंड राज्य अग्रणी है। परिकर ने कहा कि शहादत से ज्यादा सीमा पर जवाब देना बेहतर है। शत्रु का नाश करना ही सच्ची देश सेवा है। हमारे जवान सीमा पर सही जवाब दे रहे हैं। इसके साथ ही मनोहर परिकर ने अपना संबोधन समाप्त किया।
यहां टपकेश्वर मंदिर में भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के बाद जनता को संबोधित किया। वहीं आम आदमी पार्टी कार्रकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर रक्षा मंत्री का विरोध किया है। रैली में प्रदेश के चार पूर्व सीएम समेत प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता मौजूद हैं।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन के अनुसार 12 नवंबर को भाजपा प्रदेश कार्यालय में रथ पूजन के साथ प्रारंभ हुई प्रदेश व्यापी परिवर्तन यात्रा 12 दिसंबर को देहरादून में समाप्त हो रही है। यात्रा जो रविवार सांय हरिद्वार में बीएचईएल पहुंची। सोमवार को वहां से रवाना हुई और देहरादून में रिस्पना पुल पर पहुंची। इसके बाद रोड शो हुअा।
रिस्पना पुल से रोड शो आराघर, सीएमआई चिकित्सालय चौक, प्रिंस चौक, सहारनपुर चौक, पटेलनगर सब्जी मंडी, बल्लीवाला चौक, बल्लूपुर चौक होते हुए गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रवेश कर टपकेश्वर मैदान पहुंचा।
डिफेंस मिनिस्टर को दोहरी चुनौती
उत्तराखंड के 15 प्रतिशत फौजी वोट बैंक को टारगेट कर अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा ने परिवर्तन यात्रा के समापन पर रक्षा मंत्री मनोहर परिकर का कार्यक्रम तय किया गया था। इसी के साथ 12 नवंबर से प्रदेश में चल रही परिवर्तन यात्रा का समापन सोमवार को रक्षा मंत्री की जनसभा से हुआ।
क्योंकि पार्टी को पूरी उम्मीद है कि पाक पर सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर रक्षा मंत्री के बयान उत्तराखंड के फौजी वोटर को रिझाएंगे। पर इसी बीच नोटबंदी के साइड इफेक्ट ने विपक्ष को बैठे बिठाए एक मुद्दा दे दिया है।
नोटबंदी अब विपक्ष के हमलों को कारण बन रही है
एक माह चली यात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से लेकर दर्जन भर केंद्रीय मंत्रियों की जनसभाओं में केंद्र की उपलब्धियों के साथ हरीश रावत पर टारगेट किया गया। उधर, कांग्रेस भी प्रदेश भाजपा पर निशाना साधने की जगह नोटबंदी और केंद्र के फंड पर भाजपा को घेरती दिखी।
इस एक माह में भाजपा की सबसे बड़ी उपलब्धी नोटबंदी अब विपक्ष के हमलों को कारण बन रही है। भाजपा नेता भले खुले मंच पर स्वीकार नहीं कर रहे, लेकिन नोट बंदी से एटीएम और बैंकों में लग रही लाइन आने वाले समय में छोटी न हुई तो चुनावी अभियान पर फर्क पड़ सकता है।
उधर, सीएम हरीश रावत पूर्व सैनिकों के कई कार्यक्रमों में जाने के साथ उनकी लंबित सस्ती सीएसडी कैंटीन शराब की मांग को मान चुकी है।