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मैं मन्नू भाई जैसा हो गया
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 10 Sep 2013 05:13 PM IST
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उस दिन हाकिम एक पार्टी में थे। सारे आला अफसर भी थे। हंसी-खुशी का माहौल था तो वे मूड में आ गए। हाकिम ने अपना काम बहुत अच्छी तरह किया था लेकिन उनके साथी सही तरह से ड्यूटी नहीं निभा पाए।
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काम में वह सबसे आगे रहे। इस संवाददाता ने बधाई दी तो बोले अरे मेरा हाल तो मन्नू भाई जैसा हो गया है। मेरे अकेले अच्छा काम करने से क्या होता है? बाकी सब भी तो करें, तभी तो देश चलेगा।
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