फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   making and selling medicine is expensive in uttarakhand.

उत्तराखंड में दवा बनाना और बेचना होगा महंगा

Thu, 21 Jan 2016 02:11 PM IST
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 21 Jan 2016 02:11 PM IST
विज्ञापन
making and selling medicine is expensive in uttarakhand.

थोक की दुकानों में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और दवाओं की ऑनलाइन बिक्री से परेशान चल रहे दवा विक्रेताओं की जेब पर भी बोझ बढ़ने वाला है।

विज्ञापन


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा निर्माण और बिक्री के लाइसेंस की फीस में करीब 10 गुना की बढ़ोतरी का प्रावधान किया है। इसके बाद दवा विक्रेताओं को लाइसेंस लेने और रिन्यूवल के लिए तीन हजार के बजाय 30 हजार रुपये फीस चुकानी होगी। वहीं, दवा निर्माण के लाइसेंस की फीस में भी तीन गुना से ज्यादा बढ़ने जा रही है। केंद्र सरकार के निर्णय से छोटे व्यापारियों को खासा नुकसान झेलना पड़ेगा।
विज्ञापन


प्रदेश में दवा की करीब पांच हजार थोक और फुटकर दुकानें हैं। करीब दो हजार निर्माता फर्म्स भी हैं। अभी तक दवा बिक्री का लाइसेंस लेने के लिए डेढ़-डेढ़ हजार के दो फार्म भरने होते थे। नई सिफारिशों के मुताबिक प्रत्येक फार्म की फीस बढ़ाकर 15 हजार कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरी ओर, निर्माता फर्म्स को साढ़े सात-सात हजार के दो फार्म भरने होते थे, जिनकी फीस बढ़ाकर 25-25 हजार की जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन सिफारिशों पर 12 फरवरी तक आपत्तियां मांगी हैं। फरवरी अंत तक नए प्रावधान लागू कर दिए जाएंगे।

प्रति फार्म फीस 15 हजार
थोक और फुटकर दवा लाइसेंस के लिए आवेदकों को दो-दो फार्म भरने पड़ते हैं। पहले प्रति फार्म की डेढ़ हजार रुपये फीस देनी होती थी। अब इसे बढ़ाकर प्रति फार्म 15 हजार रुपये कर दिया गया है।

इसका मतलब हुआ कि लाइसेंस लेने और पांच साल बाद रिन्यूवल कराने पर कारोबारी को 30 हजार रुपये शुल्क देना होगा। लाइसेंस की डुप्लीकेट कापी, लेट फीस और अन्य फार्मों की फीस में भी दस गुना की बढ़ोतरी की गई है।

फार्म और फीस ऐसे होगी तय
- लाइसेंस के लिए भरे जाते हैं फार्म 20 और 21
- थोक के लिए भरना होता है फार्म 20बी और 21बी
- रिन्यूवल के लिए भरा जाता है फार्म 20सी
- प्रति फार्म फीस डेढ़ हजार से बढ़ाकर 15 हजार होगी
- दवा बनाने का लाइसेंस लेने के लिए फार्म 25 व 28
- साढ़े सात हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति फार्म
- लाइसेंस की डुप्लीकेट कापी की फीस पांच सौ से बढ़ाकर पांच हजार होगी

16 साल में 30 हजार की बढ़ोतरी
दवाओं के लाइसेंस शुल्क में पिछले करीब 16 वर्षों में लगभग 30 हजार रुपये की वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में लाइसेंस फीस मात्र 80 रुपये थी। वर्ष 2011 में इसे बढ़ाकर तीन हजार किया गया। अब इसे बढ़ाकर 30 हजार किया गया है।

केंद्र सरकार के प्रावधानों पर आपत्तियां मांगी गई हैं। 12 फरवरी के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। मार्च शुरूआत या नए वित्तीय वर्ष से यह प्रावधान लागू होंगे। जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

- ताजबर सिंह, ड्रग कंट्रोलर, उत्तराखंड

नए प्रावधानों से छोटे निर्माताओं और व्यापारियों की कमर टूट जाएगी। एक के बाद एक लिए जा रहे ऐसे फैसलों से थोक और फुटकर दवा व्यापार खत्म हो जाएगा। इस संबंध में संगठन की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
- अरविंद तायल, प्रधान, कैमिस्ट एसोसिएशन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed