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होम्योपैथी चिकित्सा को सुलभ व जन उपयोगी बनाएं : राजगुरु
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- सचिव आयुष ने की होम्योपैथी चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। सचिव आयुष रंजना राजगुरु ने कहा, होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। विभागीय अधिकारियों व डॉक्टरों को सहयोगी व सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और जन उपयोगी बनाने के लिए काम करना होगा। प्रत्येक स्तर पर समयबद्धता व दवाओं की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सचिव आयुष ने होम्योपैथी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में बजट उपयोग, मानव संसाधन, बुनियादी ढांचे व आगामी विकास योजनाओं पर चर्चा की। होम्योपैथी चिकित्सा को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, जिससे ओपीडी सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक मरीजों को मिल सके।
सचिव ने सभी जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को जिलाधिकारियों से बेहतर समन्वय स्थापित करने का सुझाव दिया। जिला योजना के तहत ऐसी विकासात्मक गतिविधियों की योजना बनाई जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर नए संसाधनों का सृजन हो और जनहित में इनका उपयोग किया जा सके।
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बैठक में अस्पतालों के सुचारू व नियमित निरीक्षण की व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर चर्चा की गई। सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य में संचालित होम्योपैथिक दवाओं के बिक्री केंद्रों और निर्माण इकाइयों का लगातार निरीक्षण किया जाए। बैठक निदेशक होम्योपैथी डॉ. जेएल फिरमल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। सचिव आयुष रंजना राजगुरु ने कहा, होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। विभागीय अधिकारियों व डॉक्टरों को सहयोगी व सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और जन उपयोगी बनाने के लिए काम करना होगा। प्रत्येक स्तर पर समयबद्धता व दवाओं की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सचिव आयुष ने होम्योपैथी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में बजट उपयोग, मानव संसाधन, बुनियादी ढांचे व आगामी विकास योजनाओं पर चर्चा की। होम्योपैथी चिकित्सा को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, जिससे ओपीडी सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक मरीजों को मिल सके।
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सचिव ने सभी जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को जिलाधिकारियों से बेहतर समन्वय स्थापित करने का सुझाव दिया। जिला योजना के तहत ऐसी विकासात्मक गतिविधियों की योजना बनाई जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर नए संसाधनों का सृजन हो और जनहित में इनका उपयोग किया जा सके।
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बैठक में अस्पतालों के सुचारू व नियमित निरीक्षण की व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर चर्चा की गई। सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य में संचालित होम्योपैथिक दवाओं के बिक्री केंद्रों और निर्माण इकाइयों का लगातार निरीक्षण किया जाए। बैठक निदेशक होम्योपैथी डॉ. जेएल फिरमल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।