दिव्यांगों के लिए राहत भरी खबर, अब घर बैठे बनवा सकेंगे प्रमाण पत्र, जानिए कैसे?
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अपनी दिव्यांगता साबित करने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटने वाले दिव्यांगों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार के निर्देंश के बाद अब दिव्यांग प्रमाण-पत्र ऑनलाइन बनवा सकेंगे।
प्रत्येक दिव्यांग को समाज कल्याण विभाग की ओर से आधार कार्ड की तर्ज पर यूनीक डिसिबिलेटी कार्ड जारी किए जाएगा, जिसके आधार पर दिव्यांगजन प्रमाण-पत्र के लिए ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।
अब तक दिव्यांगों को अपने प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए महीनों तक स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे। दिव्यांगों की इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिव्यांगता प्रमाण-पत्र ऑनलाइन बनवाने का निर्णय लिया है।
इसी के तहत हाल ही में दिल्ली से पहुंची टीम ने हरिद्वार और देहरादून में संबंधित कर्मचारियों को दो दिन प्रशिक्षण दिया। इस दौरान कर्मचारियों को दिव्यांगों के यूनीक डिसिबिलेटी कार्ड नंबर जारी करने का प्रशिक्षण दिया गया।
देशभर की योजनाओं का ले सकेंगे लाभ
अब सभी दिव्यांगों को समाज कल्याण विभाग की ओर से यूनीक डिसिबिलेटी कार्ड नंबर जारी किए जाएंगे। इसके बाद इस कार्ड नंबर को सभी दिव्यांगों के आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। कार्ड जारी होने के बाद दिव्यांग अपने दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उन्हें इसके लिए स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। आवेदन करने के बाद विभाग की ओर से दिव्यांग को प्रमाण-पत्र जारी होने की तारीख दे दी जाएगी। इसके बाद प्रमाण-पत्र डाक से दर्शाए गए पते पर भेजा जाएगा।
देशभर की योजनाओं का ले सकेंगे लाभ
अब तक दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनने के बाद दिव्यांगजन अपने राज्य की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ ले सकते थे, लेकिन अब यूनीक नंबर जारी होने के बाद दिव्यांग अन्य राज्यों की भी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
इस व्यवस्था के तहत यूनीक नंबर जारी होने के बाद एक दिव्यांग दो पेंशन नहीं ले पाएगा। इसके अलावा किसी योजना में फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से अब सभी दिव्यांगों को यूनीक नंबर जारी किए जाएंगे, जिन्हें आधार से लिंक किया जाएगा। यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में हरिद्वार और देहरादून के कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया गया है।
- अनुराग शंखधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी