फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   major wildfire in uttarakhand

उत्तराखंड में बेकाबू होती जा रही आग, भारी पैमाने पर जंगलों को नुकसान, एक महिला व 06 छात्रा झुलसी

Thu, 24 May 2018 08:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 24 May 2018 08:56 AM IST
विज्ञापन
major wildfire in uttarakhand
जंगल की आग

प्रदेश में वनों की आग बेकाबू होती जा रही है। अब तक 1036 घटनाओं में दो हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन संपदा को नुकसान हो चुका है। राज्य के पांच जिले पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी और हरिद्वार सबसे अधिक संवेदनशील बने हुए हैं। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक कई जगह अब भी जंगल धधक रहे हैं। 

विज्ञापन


अधिकारियों के मुताबिक वन विभाग को बीते 24 घंटों में छह सौ से अधिक जंगल में आग लगने के अलर्ट मिल चुके हैं, जिनमें से 269 जगह आग लगने की पुष्टि भी हो चुकी है। वन महकमे के आंकड़ों के अनुसार इन घटनाओं में 785 हेक्टेयर क्षेत्रफल में जंगल को नुकसान पहुंचा है। अब तक की हुई वनाग्नि की घटनाओं में करीब 37 लाख 18 हजार से अधिक की वन संपदा को नुकसान पहुुंचने का अनुमान है। वहीं मुख्य वन संरक्षक व नोडल अधिकारी वनाग्नि बीपी गुप्ता के अनुसार पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी और हरिद्वार जिले पर खास ध्यान दिया जा रहा है। बजट की कोई कमी नहीं है, 12 करोड़ 37 लाख बजट के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। इससे खास तौर पर संवेदनशील जगहों पर फायर वाचरों की संख्या बढ़ाने और टीमों को घटनास्थल पर जल्द पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। मौजूदा समय में तीन हजार से अधिक फायर वाचर काम कर रहे हैं, प्रभागीय वनाधिकारियों को अपने प्रभाग की आवश्यकता के हिसाब से फायर वाचर बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन


जंगलों में आग की घटनाएं हुईं तो जिलाधिकारी जिम्मेदार
जंगलों में आग लगने की घटनाएं हुईं तो अब जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जंगल में आग की घटनाओं से निपटने के इंतजामों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने जंगलों में आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी जिलाधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने को कहा है। साथ ही आग की रोकथाम के लिए स्वीकृत कुल बजट के सापेक्ष आधा बजट ही जारी किए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंट्रोल रूम पर ताला, फोन खराब
वनाग्नि नियंत्रण को लेकर हद दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है। वनाग्नि नियंत्रण के लिए वन मुख्यालय में ही कंट्रोल रूम बना है। जहां पर अकसर ताला लटका रहता है। कंट्रोल रूम में लगे फोन तक खराब पड़े हैं।

जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। सभी अधिकारियों को फील्ड में रहने को कहा गया है। आग की घटना होने पर जरूरत के मुताबिक मजदूर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वन पंचायतों को आग बुझाने के लिए 2.67 करोड़ रुपये रिलीज किए जा चुके हैं, शीघ्र ही 3.50 करोड़ रुपये और दिए जाएंगे। 
- जयराज, प्रमुख वन संरक्षक

दहशत में गुजरी दो गांवों की पूरी रात
जिला मुख्यालय से सटे पुनाड़, औंण, डांगसेरा और गुलाबराय के ऊपरी तरफ के जंगल मंगलवार को रातभर जलते रहे। पुनाड़ और गुलाबराय क्षेत्र में जंगल की आग कई घरों के नजदीक पहुंच गई। दोनों गांवों के लोगों ने पूरी रात दहशत में गुजारी। चिन्यालीसौड़ की धरासू रेंज के अंतर्गत मालना पुजारगांव क्षेत्र के जंगलों में लगी आग अब घातक साबित होने लगी है। बुधवार को स्कूल से घर लौट रहीं राजकीय इंटर कालेज मालनाधार की छह छात्राएं दावानल में घिर कर झुलस गईं। इन छात्राओं ने बड़ी मुश्किल से भाग कर अपनी जान बचाई। 

जंगल में आग लगाते तीन ग्रामीणों को धर दबोचा      
नैनबाग(टिहरी) में वन विभाग की टीम ने वाइल्ड लाइफ सेंचुरी बिनोग हिल क्षेत्र के जंगल में आग लगाने के आरोप में तीन ग्रामीणों को दबोच लिया। मसूरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि तीनों आरोपियों के उम्रदराज होने के चलते उन्हें थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया। पौड़ी जिलाधिकारी सुशील कुमार ने जंगलों में लग रही आग को देखते हुए समस्त विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक वनाग्नि की 481 घटनाएं हो चुकी हैं। 


दावानल की चपेट में आने से झुलसी छह छात्राएं
चिन्यालीसौड़ में धरासू रेंज के अंतर्गत मालना पुजारगांव क्षेत्र के जंगलों में लगी आग अब घातक साबित होने लगी है। बुधवार को स्कूल से घर लौट रही राजकीय इंटर कालेज मालनाधार की छह छात्राएं दावानल में घिर कर झुलस गईं। इन छात्राओं ने बड़ी मुश्किल से भाग कर अपनी जान बचाई। बुधवार दोपहर करीब एक बजे स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रही छह छात्राएं जंगल में भड़की आग के बीच फंस गई। इन छात्राओं ने अपने बस्ते और जूते-चप्पल छोड़ किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। इस हादसे में जखारी गांव की कल्पना, वंदना और प्रीति आंशिक रूप से झुलसी, जबकि जखारी गांव की करिश्मा, मुस्कान और पटारा की शिवानी को ब्रह्मखाल के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराना पड़ा। यहां उपचार के बाद ये सभी छात्राएं खतरे से बाहर हैं। पुरोला में जंगलों की आग थमने को नहीं है। ईढ़ धनारी क्षेत्र में नमामि गंगे के तहत किया गया पौधरोपण दावानल की भेंट चढ़ गया। पुरोला ब्लाक के उपला धिवरा गांव में जंगल में लगी आग बुझाने की कोशिश में एक महिला झुलस गई। जंगलों की आग पर काबू पाने में वन विभाग के तमाम प्रयास पूरी तरह कामयाब नहीं होने पर अब बरसात का ही आसरा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed