महंत रामानंद ने महंत रविंद्र पर लगाया बंधक बनाने का आरोप, कहा हड़पना चाहते हैं100 करोड़ की संपत्ति
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निरंजनी अखाड़ा, हरिद्वार के सचिव महंत रामानंद पुरी ने महंत रविंद्र पुरी पर उन्हें बंधक बनाने और फर्जी ढंग से आश्रम की संपत्ति से जुड़े पद हथियाने का आरोप लगाया है। उन्होंने एडीजी (कानून व्यवस्था) से मुलाकात कर अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार भी लगाई है।
रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महंत रामानंद पुरी ने बताया कि वह श्री गुरु निरंजन वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष, रामानंद इंस्टीट्यूट के चेयरमैन, निरंजनी अखाड़ा के सचिव और मां मंसा देवी मैनेजिंग ट्रस्ट, हरिद्वार के अध्यक्ष हैं।
महंत रामानंद पुरी ने बताया कि 2006 में उन्होंने सोसायटी का गठन किया। आरोप लगाया कि 14 सितंबर 2017 को रविंद्र पुरी ने मुझे बीमार बताया और उपचार का बहाना बनाकर आश्रम में बंधक बना लिया। कहा कि नवंबर में इलाहाबाद आश्रम ले गए और वहां बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उन्होंने फोन भी छीन लिए और किसी से बात तक नहीं करने दी।
उन्होंने बताया कि मार्च में दिल्ली के गंगा टोली आश्रम में महायज्ञ का निमंत्रण देने मांडा (इलाहाबाद) क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र कुमार आश्रम पहुंचे। किसी तरह वह वहां से छूटकर विधायक के साथ दिल्ली पहुंचे। कहा कि 24 मार्च को दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि रविंद्र पुरी ने उनका फर्जी इस्तीफा बनाकर खुद को आश्रम एवं सोसायटी का चेयरमैन घोषित कर दिया है। रामानंद पुरी ने बताया कि उन्होंने एडीजी अशोक कुमार को पत्र सौंपकर मामले की जांच और अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। कहा कि वह डीएम-एसएसपी से सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद हरिद्वार स्थित अपने आश्रम जाएंगे।
100 करोड़ की संपत्ति का झगड़ा
100 करोड़ की संपत्ति का झगड़ा
महंत रामानंद पुरी ने बताया कि वह जिस आश्रम एवं संस्थान में पदाधिकारी हैं, उसकी कुल संपत्ति करीब सौ करोड़ रुपये की है। उन्हें बंधक बनाने और खुद पदाधिकारी बनने की साजिश के पीछे संपत्ति कब्जाना ही है। उन्होंने बताया कि रामानंद इंस्टीट्यूट में करीब ढाई हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं।
सूचना पर पहुंची पुलिस
प्रेस क्लब में किसी अपहृत बाबा की पत्रकार वार्ता की जानकारी मिलते ही पुलिस और खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया। अफवाह फैली कि हरिद्वार से कुछ माह पहले जिस बाबा (मोहनदास) का अपहरण हुआ था, वही पत्रकार वार्ता कर रहे हैं। अधिकारियों के फोन घनघनाने शुरू हो गए। पुलिस बल प्रेस क्लब पहुंच गया। हालांकि, महंत रामानंद पुरी की पत्रकार वार्ता की जानकारी मिलने के बाद वे लौट गए।
निरंजनी अखाड़ा, हरिद्वार के सचिव महंत रामानंद पुरी ने अपनी शिकायत सौंपी है। इसके अनुसार, एसएसपी हरिद्वार को कृष्ण कुमार वीके को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
-अशोक कुमार, एडीजी कानून व्यवस्था
आरोपों को बताया बेबुनियाद
महंत रामानंद पुरी की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में जब महंत रविंद्र पुरी का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। लेकिन निरंजनी अखाडे़ के ही वरिष्ठ संत अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज का कहना है कि महंत रामानंद पुरी के आरोप बेबुनियाद हैं। कहा कि रामानंद पुरी पिछले कई दिनों से उनके पास इलाहाबाद में थे, जिन्हें कुछ लोग एक कार्यक्रम में शिरकत कराने के लिए कहकर ले गए थे। बताया कि इन लोगों के खिलाफ अपहरण के आरोप में पुलिस को तहरीर दी गई है।