Haridwar Kumbh Mela 2021: महंत नरेंद्र गिरी बोले, शाही स्नान होंगे, पेशवाई भी निकलेगी, मेले के स्वरूप पर मंथन
- अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष बोले- जल्द सभी अखाड़ों की बैठक बुलाकर स्थिति करेंगे स्पष्ट
- राज्य का स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी करने से पहले अखाड़ों पर टिकी सरकार की नजर
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कोविड-19 के खतरे के बीच कुंभ आयोजन को लेकर केंद्र सरकार के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के बाद से अखाड़ों और संतों की हलचल पर प्रदेश सरकार की पैनी निगाह है। सरकार अपनी एसओपी जारी करने से पहले संतों का मन पूरी तरह टटोलना चाहती है। शुक्रवार को कुंभ की समयावधि और उसके दायरे को लेकर अखाड़ों में कयासबाजी चलती रही।
वहीं, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने स्पष्ट किया है कि कुंभ होगा और शाही स्नान भी होंगे। पेशवाइयां भी निकाली जाएंगी। अखाड़ों और परिषद के पदाधिकारियों के बीच कुंभ के स्वरूप पर मंथन चल रहा है। जल्द अखाड़ों की बैठक बुलाकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
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श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन में कुंभ के दौरान कथा और प्रवचन पर रोक नहीं है। केवल इनके लिए टेंट और पंडाल लगाने पर रोक है। अखाड़ा परिषद और अखाड़े इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि कुंभ को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन से उन्हें कोई दिक्कत या परेशानी तो नहीं होगी। कुंभ तक कोरोना का खतरा बना रहता है तो इससे कैसे बचा जाए।
इसके लिए जल्द ही अखाड़ों की बैठक बुलाई जानी है। इन सभी बातों पर विचार मंथन और अखाड़ों की रायशुमारी के बाद ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद कोई ठोस निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार ने जो भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, अखाड़ों और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने उसे स्वीकार किया है। अखाड़ों और संतों की बैठक के बाद जो भी निर्णय होता है, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद उसे सरकार के साथ साझा करेगी।
कुंभ मेले के दिशा-निर्देशों की विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए
हरिद्वार कुंभ को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मेलाधिकारी और हरिद्वार के जिलाधिकारी को विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्नान घाटों की क्षमता का आकलन करने के साथ सामाजिक दूरी व प्रवेश द्वारों पर कोरोना टेस्टिंग की व्यवस्था के बारे में भी योजना बनाई जाए।
वह शुक्रवार को कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर बैठक कर रहे थे। बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार साथ शासन के कई अधिकारी उपस्थित थे। मेलाधिकारी और जिलाधिकारी हरिद्वार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में केंद्र सरकार की कुंभ मेले को लेकर जारी एसओपी पर मंथन हुआ। राज्य सरकार को इस बारे में एसओपी जारी करनी है।
मुख्यमंत्री अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केंद्र सरकार के जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें। उन्होंने इसकी विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार कर ली जाए ताकि केंद्र सरकार को भी स्थिति से अवगत करा दिया जाए।
मेट्रो नियो के संचालन की डीपीआर तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को देहरादून में मेट्रो नियो के संचालन की कार्ययोजना बनाने और उसकी डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में देहरादून में मेट्रो-नियो के संचालन से संबंधित प्रस्तुतिकरण दिया गया। प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून शहर में यातायात के बेहतर संसाधनों की उपलब्धता के लिए प्रभावी पहल आवश्यक है।
कोविड केयर सेंटरों में कुंभ के लिए बढ़ेगी बेड की क्षमता
तीर्थ नगरी हरिद्वार में कोविड केयर सेंटरों में कुंभ मेले के लिए बेड की क्षमता बढ़ाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड केयर सेंटर में छह हजार से अधिक बेड की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, 150 क्षमता का जनरल हॉस्पिटल और 200 बेड का कोविड अस्पताल बनाया जा रहा है।
हरिद्वार में 27 फरवरी से कुंभ मेला शुरू हो सकता है। इसके लिए विभाग ने स्वास्थ्य सुविधाओं और कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए व्यवस्थाओं की तैयारी शुरू कर दी है। मेले के दौरान कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए कोविड केयर सेंटरों में बेड क्षमता बढ़ाकर छह हजार से अधिक की जाएगी। प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ.पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि कुंभ मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं, विशेषकर कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
150 बेड का जनरल हॉस्पिटल बनाया जा रहा है, जिसमें बर्न यूनिट, आईसीयू, ईएमआर, ओपीडी की सुविधा का प्रबंध किया जा रहा है। इसके अलावा 200 बेड का अलग से कोविड अस्पताल बनाया जा रहा है। वहीं, कोविड केयर सेंटरों की बेड क्षमता को छह हजार से अधिक किया जा रहा है।