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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Maha kumbh 2021: Kumbh Mela Will held from 1st to 30th April, Notification issued Today

हरिद्वार कुंभ 2021: एक से 30 अप्रैल तक होगा कुंभ, नीलकंठ से रुड़की रोड तक मेला क्षेत्र घोषित, अधिसूचना जारी

Wed, 24 Mar 2021 09:46 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 24 Mar 2021 09:46 PM IST
सार

  • हरिद्वार से रुड़की की ओर 13 किमी तक मार्ग वाला क्षेत्र कुंभ मेला में शामिल
  • हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनिकी रेती, बहादराबाद, चीला मार्ग, वीरभद्र बैराज, नीलकंठ मंदिर भी जोड़ा

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Maha kumbh 2021: Kumbh Mela Will held from 1st to 30th April, Notification issued Today
हरकी पैड़ी पर स्नान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरिद्वार में हो रहे कुंभ की अधिसूचना जारी हो गई है। कुंभ मेले का आयोजन एक से 30 अप्रैल तक होगा। कुंभ मेले का क्षेत्र भी निर्धारित कर दिया गया है। बुधवार को प्रभारी सचिव (शहरी विकास) विनोद कुमार सुमन ने अधिसूचना जारी की।

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अधिसूचना जारी होने के साथ ही शासन-प्रशासन पर कुंभ मेले में कोविड 19 महामारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की जारी मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अक्षरश: लागू करने का दबाव बन गया है।
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कुंभ मेला में ये क्षेत्र हुए शामिल

पूरब में : हरिद्वार नजीबाबाद मार्ग से सिद्ध सोत सेतु से चंडी देवी मंदिर हरिद्वार-चीला मार्ग, चीला से कैनाल के दोनों पटरी, वीरभद्र बैराज, दुगड्डा मार्ग के साथ उस स्थान तक जहां लक्ष्मण झूला के लिए सड़क शुरू होती है। स्वर्गाश्रम क्षेत्र के बाहरी सीमा के साथ नीलकंठ महादेव मंदिर पैदल मार्ग के दाहिने किनारे 250 मीटर की दूरी तक समानांतर चलते हुए नीलकंठ मंदिर तक, नीलकंठ मंदिर क्षेत्र के साथ गरुड़चट्टी-दुगड्डा मार्ग पर पीपलकोटी तिराहे तक। वहां से वापस नीलकंठ-स्वर्गाश्रम पैदल मार्ग के दूसरे किनारे के साथ-साथ 250 मीटर की दूरी तक समानांतर चलते हुए लक्ष्मण झूला क्षेत्र के साथ नीरगढ़ के सामने गंगा नदी के बांए किनारे तक।

पश्चिम में : नरेंद्रनगर मुनि की रेती मार्ग से नरेंद्रनगर-ऋषिकेश बाइपास के साथ उस स्थान तक जहां ऋषिकेश-देहरादून मार्ग मिलता है। ऋषिकेश-देहरादून मार्ग के साथ वन चौकी, हरिद्वार बाइपास मार्ग के साथ-साथ उस स्थान तक जहां हरिद्वार-ऋषिकेश लोनिवि के मार्ग पर मिलती है, वहां से इस मार्ग के साथ-साथ उस स्थान तक जहां लोनिवि का मार्ग हरिद्वार के हिल बाइपास मार्ग से मिलता है। यहां से हिल बाइपास के साथ-साथ मंसा देवी मंदिर तथा बिल्केश्वर मंदिर तक, फिर टिबड़ी से मोहंड रोड जंगल चौकी तथा वहां बीएचईएल के आवासीय भवनों को शामिल करते हुए मुख्य मार्ग तक। फिर मध्य मार्ग के बाहरी किनारे आवास विकास कालोनी की तरफ से किनारे को लेते हुए उस स्थान तक जहां यह रुड़की-बहादराबाद लोनिवि के मार्ग से मिलता है। वहां से हरिद्वार-दिल्ली मार्ग के रुड़की की ओर 13 किमी तक है। पश्चिम में 250 मीटर की दूरी तक सामानांतर।

उत्तर में : नीरगढ़ से तपोवन, बिट्ठल आश्रम मार्ग से नरेंद्रनगर मुनिकी रेती मार्ग तक। संपूर्ण उत्तरी सीमा, भौगोलिक रेखा के उत्तर में 250 मीटर की दूरी तक समानांतर।

दक्षिण में : हरिद्वार दिल्ली मार्ग से रुड़की ओर जहां 13 किमी का साइनेज लगा है। यहां से बहादराबाद गांव को शामिल करते हुए बहादराबाद-हरिद्वार बाइपास मार्ग के साथ सीतापुर गांव की सीमा सहित हरिद्वार-ऋषिकेश बाइपास पर रेलवे पुल तक, वहां से गांव जियापोता की बाहरी सीमा के साथ-साथ गंगा नदी को पार करते हुए हरिद्वार से नजीबाबाद मार्ग के सिद्ध सोत सेतु तक। संपूर्ण दक्षिण सीमा ऊपर वर्णित भौगोलिक रेखा के दक्षिण में 250 मीटर की दूरी तक समानांतर।

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