इस गलती की वजह से खत्म हो सकती है उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता
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इस गलती की वजह से उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता खत्म की जा सकती है। जिन मदरसों में शौचालय नहीं बनेंगे, उन मदरसों की मान्यता खत्म की जाएगी। इसके अलावा शौचालय न बनाने वाले जो मदरसे उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें काली सूची में डाल दिया जाएगा।
इस संबंध में निदेशक उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने मदरसों के प्रबंधन को नोटिस जारी की है और तत्काल ब्योरा भेजने को कहा है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत मौलाना आजाद फाउंडेशन की ओर से मदरसों में शौचालय बनवाए जा रहे हैं। इस संबंध में केंद्र ने राज्य से मदरसों का ब्यौरा मांगा था। कई बार पत्र भेजने के बावजूद नैनीताल जिले एक मदरसे को छोड़कर किसी ने मदरसा बोर्ड ब्योरा नहीं भेजा।
ब्योरा मिलने में देर होने पर केंद्र ने नाराजगी जाहिर की है। इस पर बोर्ड के निदेशक कैप्टन तिवारी ने ब्योरा न भेजने वाले मदरसों को चेतावनी नोटिस जारी की।
कहने क बावजूद भी नहीं दे रहे मदरसे ब्योरा
मदरसा बोर्ड के उप निदेशक अखलाक अहमद ने बताया कि बोर्ड की वेबसाइट पर प्रपत्र उपलब्ध है। मदरसों के प्रबंधन को वह प्रपत्र भर कर भेजना है। कई बार कहने के बावजूद मदरसों का ब्योरा न देना निराशाजनक है।
उप निदेशक का कहना है कि मदरसे जिलों को 27 नवंबर तक अपना ब्योरा उपलब्ध करा दें और जिलों के अधिकारी 30 नवंबर तक बोर्ड को ब्योरा भेज दें। जो मदरसे मान्यता प्राप्त नहीं हैं, वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
वे भी प्रपत्र भरकर बोर्ड को भेजें। इस वक्त राज्य में 297 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं। 102 मदरसों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है।