देवभूमि उत्तराखंड में यहां खोजा जाएगा 'खजाना', पहुंची टीम, कई स्थानों पर की जांच-पड़ताल
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राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) हैदराबाद की टीम हेलीकॉप्टर से रामनगर पहुंच गई है। टीम ने कई स्थानों पर जांच, पड़ताल की। टीम पांच दिनों तक पानी में मौजूद तैलीय पदार्थों की जांच करेगी।
केंद्र सरकार के निर्देश पर एनजीआरआई विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से देशभर में तेल और गैस भंडार की तलाश कर रही है। मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अजय मांगलिक की टीम उत्तराखंड में पहाड़ की तलहटी का सर्वे कर रहे हैं। इसके लिए बृहस्पतिवार सुबह उनका हेलीकॉप्टर डिग्री कॉलेज में उतरा।
सेंसर द्वारा जमीन की रिपोर्ट ली जाएगी
टीम ने एसडीएम हर गिरी गोस्वामी से चौपर उतारने की अनुमति ली है। इस टीम ने कोसी रेंज के अपर कोसी इलाके का सर्वे किया और वहां पहले से जांच में जुटी टीम के साथ भी वार्ता की।
चौपर 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ेगा। इसमें लगे सेंसर द्वारा जमीन की रिपोर्ट ली जाएगी, जिसमें पानी समेत अन्य धातुओं की खोज को लेकर यह सर्वे किया जाएगा।
मीडियाकर्मियों से दूरी बनाए रखी
यह जंगल रामनगर वन प्रभाग, तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अधीन हैं। सर्वे टीम ने मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी। इसके लिए मीडियाकर्मियों से दूरी भी बनाए रखी।