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कैलाश के नजदीक पहुंची मां नंदा की लोकजात
ब्यूरो/अमर उजाला, गोपेश्वर
Updated Thu, 17 Sep 2015 08:30 AM IST
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मां नंदा की लोकजात यात्रा धीरे-धीरे कैलाश के नजदीक पहुंच गई है। बुधवार को सैकड़ों भक्तों के साथ दशोली की मां नंदा सैंजी गांव से होकर रात्रि प्रवास के लिए निजमुला गांव पहुंची। यह क्षेत्र चमोली जिले का सुदूरवर्ती क्षेत्र है, यहां से बालपाटा (कैलाश) क्षेत्र कुछ ही मील दूर है।
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सैंजी गांव में तड़के ही मां नंदा की पूजा-अर्चना संपन्न हुई। मां नंदा की प्रतिमा पर आचार्य पंडितों द्वारा शक्ति चढ़ाई गई। सुबह नौ बजे मां नंदा की डोली सैंजी, ब्यारा थल्ली गांवों से होते हुए निजमुला पहुंची।
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घाटी में उत्सव सा माहौल
निजमुला घाटी में इन दिनों मां नंदा के पहुंचने से उत्सव जैसा माहौल है। आगामी 19 सितंबर को विभिन्न गांवों से होते हुए मां नंदा अपने अंतिम पड़ाव झींझी पहुंचेगी।
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20 को बालपाटा में नंदा सप्तमी को पूजा-अर्चना के बाद मां नंदा ईराणी गांव पहुंचेगी, जिसके बाद 21 से ईराणी गांव में तीन दिवसीय मेले का भी शुभारंभ होगा। मेला अध्यक्ष मादो सिंह फर्स्वाण, सचिव राकेश नेगी, मोहन सिंह और त्रिलोक सिंह ने बताया कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगे।