रूढ़ियां तोड़ एक दूजे से बांधा सात जन्मों का बंधन, पुलिस सुरक्षा में विदा कर ले गया अपनी दुल्हनिया
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दरार पड़ी दीवार, यह गिरेगी! इसे गिरने दो! यह समाज कब तक टिका रहेगा। यह लाइन उत्तराखंड के रुड़की में चुड़ियाला क्षेत्र में अंतरजातीय विवाह करने वाले युवक-युवती पर सटीक बैठती है।
दोनों ने तमाम विरोध के बाद भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। दोनों की जिद के आगे परिजनों को भी झुकना पड़ा। दोनों के अलग-अलग बिरादरी के होने से तमाम धमकियां मिलीं, लेकिन दोनों के कदम जरा भी नहीं डिगे।
विरोध और धमकियों को दरकिनार कर दोनों ने एक-दूसरे को अपना जीवन साथी बना लिया। बुधवार को पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों ने सात जन्मों का बंधन बांधा। दोनों के प्यार की जीत के गवाह बने ग्रामीण और पुलिस।
यूपी के सहारनपुर क्षेत्र निवासी युवक दो साल पहले चुड़ियाला क्षेत्र स्थित शराब के ठेके पर काम करने आया था। इस दौरान उसे क्षेत्र की एक युवती से प्यार हो गया। युवक ने कुछ दिन बाद प्यार का इजहार किया तो युवती ने भी कबूल लिया।
कुछ ही दिन में दोनों ने साथ जीने और मरने की कसम खाई, लेकिन दोनों के सामने प्यार के लिए समाज के बंधनों को तोड़ना इतना आसान नहीं था। युवक गुर्जर बिरादरी से है तो युवती अनुसूचित जाति से, लेकिन दोनों ने प्यार के लिए समाज की दीवार को तोड़ने की ठान ली और अपने-अपने परिजनों के आगे शादी करने का प्रस्ताव रखा।
परिजनों ने अंतरजातीय विवाह पर एतराज जताया और इंकार कर दिया, लेकिन दोनों ने हार नहीं मानी। आखिर प्यार की जीत हुई और दोनों के परिजन शादी करने को राजी हो गए।इस बीच दोनों के प्यार के आगे फिर से समाज खड़ा हो गया और अंतरजातीय विवाह करने पर दोनों के परिवार का विरोध शुरू हो गया।
युवती के परिवार वालों के रिश्तेदार और कुछ लोग धमकी देने लगे। परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई, लेकिन युवती और उसके परिवार ने हिम्मत नहीं हारी। आखिर शादी की 13 मार्च की तिथि तय हो गई।
इस बीच युवती की मां ने जिलाधिकारी दीपक रावत से पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने भगवानपुर पुलिस को शादी के दिन मौजूद होने और गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
बुधवार को युवक बरात लेकर युवती के घर पहुंचा तो परिवार और रिश्तेदारों ने गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया। शादी की रस्में रीति रिवाज से हुईं। दोनों के सात जन्मों के इस बंधन ने समाज को आइना दिखा दिया।