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सराफ लूटः एक बदमाश ने हेलमेट पहना था, दूसरे ने लपेटा था रुमाल, सीसीटीवी खोल सकती है राज

Tue, 08 Oct 2019 11:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 08 Oct 2019 11:20 AM IST
सार

  • सामने वाली दुकान के सीसीटीवी में दिख सकती है बदमाशों की स्पष्ट फुटेज

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Loot with Jeweller in premnaggar Dehradun
देहरादून में लूट - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

लूट की घटना को अंजाम देने वाले बाइक सवार बदमाशों में से बाइक चलाने वाले बदमाश ने हेलमेट पहना हुआ था। जबकि, पीछे बैठे बदमाश ने चेहरे पर रुमाल लपेटा हुआ था। घटनास्थल के कुछ दूरी पर स्थित एक बैंक और स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में भी बदमाश बाइक स्टार्ट कर भागते नजर आ रहे हैं।

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इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी पुलिस ने बदमाशों को ट्रेस करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। लेकिन कहीं पर भी बाइक का नंबर साफ-साफ ट्रेस नहीं हो पाया। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि सर्राफ की जिस दुकान में लूट की घटना हुई उसके सामने वाली दुकान में भी सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। इसकी फुटेज खंगालने पर बदमाशों के चेहरे और बाइक का नंबर स्पष्ट दिखाई पड़ सकता है। बताया गया कि इस दुकान के संचालक की तबीयत खराब होने के कारण उनका परिवार इलाज के लिए फरीदाबाद गया हुआ है। पुलिस इस परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रही थी। ताकि दुकान को खुलवाकर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा सके।
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गोरखपुर चौक के बाद नहीं मिल रही बदमाशों की लोकेशन

पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की लोकेशन ट्रेस करने में पूरी शिद्दत से जुटी रही। घटनास्थल के आसपास और अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी पुलिस द्वारा खंगाले गए। पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात तक गोरखपुर चौक के बाद बदमाशों की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने वहां से आने-जाने वाले लोगों से भी पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई है।
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घटना के खुलासे को सात टीमें गठित

प्रेमनगर में हुई लूट की घटना के बाद खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ऑपरेशन की कमान खुद संभाली। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मौके पर ही पुलिस और एसओजी की सात टीमें की गई। कुछ टीमों को वेस्ट यूपी और हरियाणा भी भेजा गया है। पूर्व में इस प्रकार की घटनाओं में संलिप्त बदमाशों की वर्तमान स्थिति का पता भी किया जा रहा है।

इसके अलावा एसएसपी ने पुलिस टीमों को जिले के सभी प्रवेश और निकासी मार्गों व आंतरिक मार्गों के सीसीटीवी कैमरों को चेक करने के निर्देश दिए। पुलिस टीमें देर रात कैमरे की फुटेज खंगाल रही थी। साथ ही बाइक सवार लुटेरों की तलाश के लिए जिले के सभी बाहरी और आंतरिक मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। एसएसपी अरुण मोहन जोशी और एसपी सिटी श्वेता चौबे देर रात तक बदमाशों को ट्रेस करने के बारे में गठित पुलिस टीमों से इनपुट ले रहे थे।

चौकसी बढ़ाने के दिए थे निर्देश

एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने दो दिन पहले ही नगर क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों की बैठक ली थी। जिसमें सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए थे कि आगामी त्योहारी सीजन के दृष्टिगत भीड़भाड़ वाले स्थानों व मुख्य बाजारों पर सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए जाएं। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

किट्टी भी चलाते हैं सराफ देवेंद्र

लूट का शिकार हुए सराफ देवेंद्र किट्टी का संचालन भी करते हैं। बताया गया कि किट्टी की रकम जमा होने के एवज में सदस्यों को कुछ प्रतिशत छूट पर गहने बेचे जाते थे। देवेंद्र ने बताया कि सोमवार को किट्टी का काम भी हो गया था। किसी होटल में यह किट्टी की रकम जमा होती थी। किट्टी का भी कुछ कैश उनके पास था। ऐसे में यह भी आशंका है कि कोई होटल के आसपास से ही उनका पीछा कर रहा होगा। मौका पाते ही बदमाशों ने वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है।
 

सोमवार को रहती है दुकान बंद

सराफ देवेंद्र सोमवार को दुकान बंद रखते हैं लेकिन उन्होंने दोपहर बाद पहुंचकर दुकान खोली थी। देवेंद्र ने बताया कि सफाई के लिए दुकान को खोला गया था। हर सोमवार को कुछ देर के लिए वह सफाई करने को दुकान खोलते हैं। पुलिस के सामने सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर बदमाशों को इस बात का पता कैसे चला कि दोपहर बाद दुकान खोली जानी है? क्या वह सराफ के हर कदम से वाकिफ थे? आशंका है कि इसमें कोई भेदिया भी शामिल हो सकता है।

खरीदनी थी जमीन 

गोली चलने की सूचना पर सराफ की मां कैलो देवी और पत्नी रीता सोनी भी दुकान पहुंची। कैलो देवी ने बताया कि बेटे को जमीन भी खरीदनी थी। इसलिए भी दुकान में रकम रखी हुई थी। वहीं, वारदात से खौफजदा सराफ की पत्नी रीता ने बताया कि गोपेश्वर से उनके ससुर ने फोन पर बताया कि दुकान में गोली चल गई है। जिस पर आनन-फानन में वे सास को लेकर दुकान पहुंची। पड़ोसी और परिचित यह कहकर दोनों को ढांढस बंधा रहे थे कि शुक्र हुआ कि गोली देवेंद्र या दूसरे व्यक्ति को नहीं लगी।

मोबाइल डाटा भी खंगाला

पुलिस और एसओजी ने वारदात के वक्त घटनास्थल और आसपास सक्रिय मोबाइल नंबर भी खंगाले हैं। इसमें संदिग्ध नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है। हालांकि वारदात सरेबाजार होने की वजह से वहां मौजूद सक्रिय मोबाइल नंबरों की फेहरिस्त बहुत लंबी होने से पुलिस और एसओजी के लिए इसे ट्रेस करना जटिल साबित हो रहा है।

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