फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Lohri 2021 in Dehradun News: amar ujala dehradun will publish your chid first lohri

Lohri 2021: अपने बच्चे की पहली लोहड़ी को बनाएं खास, अमर उजाला प्रकाशित करेगा तस्वीर

Tue, 12 Jan 2021 04:34 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 12 Jan 2021 04:34 PM IST
विज्ञापन
Lohri 2021 in Dehradun News: amar ujala dehradun will publish your chid first lohri
लोहड़ी 2021: धूमधाम से मनाई लोहड़ी - फोटो : अमर उजाला (File Photo)

लोहड़ी खुशियों को सबके साथ बांटकर मनाने का त्योहार है। इस साल लोहड़ी पर्व 13 जनवरी को मनाया जाएगा। अगर आपके घर इस साल कोई नन्हा मेहमान आया हो और घर में उसकी लोहड़ी मनाने की तैयारी हो तो हम भी इस उत्सवी उल्लास में शामिल हैं। ऐसे मौके पर अमर उजाला आपके बच्चे की तस्वीर प्रकाशित करेगा। आप अपने बच्चे की तस्वीर नाम-पता और पूरे विवरण के साथ इस नंबर/मेल पर भेज दें। 

विज्ञापन


लोहड़ी पर्व 13 जनवरी को मनाया जाएगा। यह उत्तर भारत का प्रमुख त्योहार है। हालांकि मूल रूप यह पंजाब का सांस्कृति पर्व है। लेकिन इस पर्व की व्यापकता इतनी अधिक है कि यह पूरे उत्तर भारत में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
विज्ञापन


लोहड़ी के दिन आग में तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाई जाती हैं। आग के चारों तरफ चक्कर लगाकर सभी लोग अपने सुखी जीनव की कामना करते हैं। लोहड़ी की खास बात ये भी है कि इस पर्व में संगीत और नृत्य का तड़का इसे और भी खूबसूरत बना देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसलिए मनायी जाती है लोहड़ी

पारंपरिक तौर पर लोहड़ी फसल की बुवाई और कटाई से जुड़ा एक विशेष त्योहार है। इस अवसर पर पंजाब में नई फसल की पूजा करने की परंपरा है। इसके अलावा कई हिस्सों में माना जाता है यह त्योहार पूस की आखिरी रात और माघ की पहली सुबह की कड़क ठंड को कम करने के लिए मनाया जाता है।
 

लोहड़ी पर्व जुड़ी परंपराएं

लोहड़ी के इस पावन अवसर के दिन अग्नि जलाने के बाद उसमें तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाई जाती हैं। वहीं इसके बाद सभी लोग अग्नि के गोल-गोल चक्कर लगाते हुए सुंदरिए-मुंदरिए हो, ओ आ गई लोहड़ी वे, जैसे पारंपरिक गीत गाते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते इस पावन पर्व को उल्लास के साथ मनाते हैं।

दुल्ला भट्टी की कहानी

लोहड़ी में लोग गीत गाते हुए दुल्ला भट्टी की कहानी सुनाते हुए नाच गाना करते हैं। लोहड़ी पर दुल्ला भट्टी की कहानी सुनने का खास महत्व होता है। दरअसल, मुगल काल में अकबर के दौरान दुल्ला भट्टी पंजाब में ही रहता है। कहते हैं कि दुल्ला भट्टी ने पंजाब की लड़कियों की उस वक्त रक्षा की थी जब संदल बार में लड़कियों को अमीर सौदागरों को बेचा जा रहा था।

वहीं एक दिन दुल्ला भट्टी ने इन्हीं अमीर सौदागरों से लड़कियों को छुड़वा कर उनकी शादी हिन्दू लड़कों से करवाई थी। और तभी से इसी तरह दुल्ला भट्टी को नायक की उपाधि से सम्मानित किया जाने लगा और हर साल हर लोहड़ी पर ये कहानी सुनाई जाने लगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed