Uttarakhand Lockdown: सीरीज की तीसरी कड़ी जीतने की जद्दोजहद में जुटे हैं हमारे जांबाज
कोरोना संक्रमण के इस काल में आप अपने पैरों को घर की दहलीज के भीतर रोककर जिस शिद्दत से राष्ट्रभक्ति का परिचय दे रहे हैं, वह काबिलेतारिफ है। वैसे भी तीर्थनगरी अपने संस्करों के लिए जानी जाती है। लेकिन कुछ लोग हैं, जिनका कोरोना वायरस से लड़ाई में जीतने के लिए घर से बाहर निकलना जरूरी है।
कोरोना वारियर्स की कहानी, उन्हीं की जुबानी सीरिज में हम आपको लगातार ऐसे लोगों से मिला रहे हैं। जो जब चलते हैं, तो शहर भी अंगड़ाई लेता है। आपका स्वास्थ्य, आपकी सुरक्षा, आपका पर्यावरण और तमाम जिम्मेदारियां इन लोगों के कंधों पर है।
आप भी इसके एक पार्ट हैं, लेकिन फिलहाल हम आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों की बात कर रहे हैं। तो आइए कोरोना वारियर्स की इस तीसरी कड़ी में मिलते हैं, ऐसे ही कुछ और जांबाजों से...
पापा फिल्ड में काम करते वक्त मास्क जरुर पहनना...
पापा जब भी भीड़भाड़ वाली जगह में जाओ, मास्क पहनना और सैनिटाइजर का उपयोग करते रहना और हां सोशल डिस्टेंस का पालन जरुर करना। फिल्ड में काम कर रहे मां-पिता को जब बच्चे इस तरह की हिदायतें देते हैं, उनका हौसला और बढ़ जाता है।
नगर निगम ऋषिकेश में सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल के पुत्र 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले पुत्र आदर्श कपूर भी पिता को वक्त-बेवक्त इस तरह अलर्ट करते रहते हैं। सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल प्रतिदिन परिवार से दूर रहकर जनता कर्फ्यू के दिन से ही क्षेत्र में तैनात है, जबकि उनकी पत्नी सुनीता देवी अपने तीन बच्चों अक्षित कपूर, आस्था और आदर्श कपूर से साथ रहती हैं।
पिता के राष्ट्रप्रेम को देखकर बच्चों भी हौसला अफजाई करते हैं और हर वक्त फोन पर हाल जानते हैं। विनोद लाल कहते हैं, इस कठिन घड़ी में अगर हम डटकर फिल्ड में खड़े हैं तो इसमें परिवार बड़ी ताकत देता है।
लोक सेवक होने के नाते इस वक्त हमारा पूरा ध्यान फिल्ड में है...
कोरोना वायरस के खिलाफ इस जंग को जीतने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदारी के भाव से काम करना होगा। निगरानी वाले इलाकों के लिए विशेष प्रयास करने पड़ रहे हैं। अधिकांश समय इन्ही कामों में व्यतित हो रहा है।
अपनी बिटिया को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। एहतियात भी रखनी पड़ रही है। मेरी माता जी इस समय उसके साथ रहती है। मेरी धर्मपत्नि कुसुम चौहान हरिद्वार में उपजिलाधिकारी का दायित्व होने के कारण अधिकांश समय वहीं पर हैं। इस समय जनता को हमारी अधिक जरूरत है।
जिम्मेदार लोक सेवक होने के नाते मेरा पूरा ध्यान कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम के लिए प्रयास करने में लगा । प्रशासन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी ऐसे वक्त में बेहतर काम करना चाहिए।
- लक्ष्मीराज चौहान, उपजिलाधिकारी डोईवाला
लगी रहती है एक दूसरे की फिक्र, वीडियो कॉल से करते हैं तसल्ली
अलग-अलग राज्यों में तैनात होकर देश सेवा में जुटे डॉ नीना सैनी और उनके पति कर्नल डॉक्टर हरमीत सिंह को एक दूसरे की फिक्र लगी रहती है। प्रतिदिन वीडियो कॉल के माध्यम से दोनों एक दूसरे की कुशलक्षेम जानते हैं।
बता दें कि देहरादून रोड स्थित एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में तैनात वरिष्ठ दंत विशेषज्ञ डॉ नीना सैनी के पति वर्तमान में पूणे, महाराष्ट्र स्थित आर्मी अस्पताल में सेवा दे रहे हैं। डॉ नीना ने बताया कि उनके दो बेटे उन्हीं के साथ रहते हैं।
कोरोना की गंभीरता को देखते हुए उन्हें भी विशेष रूप से लगातार सेवा में बने रहने के लिए निर्देशित किया गया है। बताया कि वर्तमान में जहां उनके पति तैनात हैं, उस क्षेत्र में तीन कोरोना के मामले पॉजिटिव आए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उनकी फिक्र लगी रहती है।