Lockdown in Uttarakhand: सुशीला तिवारी अस्पताल की खिड़की की ग्रिल तोड़कर भागा क्वारंटीन युवक
- अस्पताल की खिड़की की ग्रिल तोड़कर भागा
- पैदल जा रहा था अल्मोड़ा, भीमताल पुलिस ने पकड़ा
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सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में क्वारंटीन सेंटर से शुक्रवार रात एक युवक खिड़की की ग्रिल तोड़कर भाग निकला। सुबह इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। वह पैदल भीमताल पहुंचा था कि वहां की पुलिस ने उसे पकड़ लिया। युवक ने आरोप लगाया कि डॉक्टर डिस्चार्ज नहीं कर रहे थे। मच्छरों के काटने से उसकी बेचैनी बढ़ गई थी।
अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर के एक गांव का 25 साल का युवक दिल्ली में जॉब करता है। युवक के अनुसार लॉकडाउन होने के बाद वह दिल्ली से हल्द्वानी आया। 30 मार्च को बस का इंतजार करते समय पुलिस ने उसे पकड़कर स्टेडियम में रख दिया। 14 अप्रैल को उसे डॉक्टरों ने एसटीएच में भर्ती कराया। जांच के दौरान उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई।
मच्छरों ने परेशान कर रखा था
युवक के अनुसार वार्ड में पंखा नहीं होने के कारण मच्छरों ने परेशान कर रखा था। कोई उसकी सुन नहीं रहा था। इस कारण वार्ड की खिड़की खोली तो उसका ग्रिल टूटा था। शीशा टूटा तो वह शुक्रवार की रात करीब साढ़े नौ बजे वहां से निकल गया।
इधर अस्पताल प्रशासन से मरीज के लापता होने की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस ने सभी थानों को वायरलेस से सूचना प्रसारित कर दी थी। भीमताल थानाध्यक्ष कैलाश जोशी, सिपाही सुमित चौधरी और दीवान सिंह ने आनंद सिंह को पकड़ लिया।
अस्पताल प्रशासन को हवा तक नहीं लगी
उसने कोतवाल संजय कुमार को बताया कि परेशान होकर वह आत्महत्या करने की सोच लगा था। घर वालों से बात नहीं हो पा रही थी। मोबाइल डिस्चार्ज हो गया था। कोतवाल के निर्देश पर मेडिकल चौकी प्रभारी मनवर सिंह ने फिर उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
वार्ड से मरीज रात में भाग गया था, लेकिन मेडिकल चौकी प्रभारी मनवर सिंह को सूचना शनिवार की सुबह करीब दस बजे दी गई। तब तक वह कई किलोमीटर पैदल चला गया था।