Lockdown in Uttarakhand : सराफा बाजार की चमक पड़ी फीकी, घरों पर खाली बैठे हैं करीब 700 स्वर्णकार
कोरोना लॉकडाउन की वजह से सराफा बाजार की चमक फीकी पड़ गई है। इस बार जहां शादियों का सीजन न होने से काम प्रभावित हुआ है, वहीं रोजमर्रा का कारोबार भी नहीं हो पा रहा है। इस पेशे से जुड़े करीब 700 स्वर्णकार और करीब 900 सराफा कारोबारियों के लिए यह मुश्किल समय है।
स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष पंकज मैसॉन का कहना है कि वैसे तो इस पेशे से करीब 7000 लोग अलग-अलग तरह से जुड़े हैं लेकिन सीधे तौर पर करीब 700 स्वर्णकार हैं, जो फिलहाल बेरोजगार से हो गए हैं। इनमें पॉलिश करने वाला, कटिंग करने वाला, सोना गलाने वाला सहित कई तरह के कारीगर हैं, जो सराफा कारोबारियों से काम लेकर या तो दुकान पर करते हैं या फिर अपने घरों पर करते हैं।
900 सराफा कारोबारियों का काम लॉकडाउन की वजह से ठप
आज इनके पास काम नहीं है। उनकी मांग है कि सरकार स्वर्णकारों के लिए भी कोई फैसला ले। खास बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिल्पियों की है जो कि कोलकाता या महाराष्ट्र के निवासी हैं। लॉकडाउन बढ़ने के साथ उनकी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
उधर, सराफा मंडल देहरादून के अध्यक्ष सुनील मैसॉन का कहना है कि करीब 900 सराफा कारोबारियों का काम लॉकडाउन की वजह से ठप है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि सभी कारोबारियों ने अपने स्टाफ को मार्च महीने का पूरा वेतन दे दिया है। फिलहाल, कोई ऑर्डर नहीं आ रहे हैं। पुराने ऑर्डर की डेट भी आगे बढ़ रही है। उनका कहना है कि अब लॉकडाउन खत्म होने के बाद ही कुछ करिश्मे की उम्मीद है।