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Lockdown 3.0 : डेढ़ गुना हो गए निर्माण सामग्री के दाम, मजदूरी भी दोगुनी, ठेकेदारों की हालत खराब
Fri, 15 May 2020 02:39 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 15 May 2020 02:39 PM IST
सार
- लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों की हालत हुई खराब, महंगी सामग्री और मजदूरी में काम करने से खींच रहे हाथ
- ज्यादातर काम रुके, स्थिति और खराब होने की आशंका
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
लॉकडाउन में विकास कार्यों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है और अब स्थिति ज्यादा खराब होने की आशंका है। निर्माण सामग्री के दाम डेढ़ गुना से भी ज्यादा बढ़ गए हैं। इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों के वापस जाने से मजदूरी की दरें भी लगभग दो गुनी हो गई हैं।
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ऐसे में लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने ज्यादातर कामों से हाथ खींचने शुरू कर दिए हैं। वर्तमान समय में खनन और स्टोन क्रशर बंद हैं। ठेकेदार संगठन के जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह पुंडीर ने बताया कि जो क्रेशर चल रहे हैं, उनमें मजदूर नहीं हैं।
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ऐसे में निर्माण सामग्री की किल्लत के चलते दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कुछ दिन पहले 70 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला रेत इन 130 रुपये पर बोला जा रहा है। यही नहीं कई स्थानों पर इन दामों भी रेत मिल नहीं पा रहा है। इसी तरह से हिमाचल से पर्याप्त माल भी नहीं आ रहा है।
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मौजूदा समय में एक दिन में महज 75 डम्पर ही वहां से आ पा रहे हैं। जो कि बहुत कम हैं। इसके साथ ही कुछ दिन पहले प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौटना शुरू हो गए हैं। ऐसे में मजदूरी पहले जहां 350 रुपये प्रतिदिन थी वही अब 750 रुपये पहुंच गई है। इस तरह ठेकेदारों को मजदूर भी नहीं मिल पा रहे हैं।
पुंडीर के अनुसार सामग्री न मिलने से अब मुश्किल हो रहा है कि काम तेजी से हो पाएंगे। ठेकेदारों के भुगतान भी विभाग के पास लटका हुआ है। उनकी सिक्योरिटी भी रिलीज नहीं हो पा रही है, जिस कारण उनकी आर्थिक हालात खराब होती जा रही है।
सामग्री - पहले दाम - वर्तमान दाम
सामान्य बजरी - 90 - 140 से 145
धुली बजरी - 85 - 135 से 140
रेत - 70-130
पत्थर - उपलब्ध ही नहीं
जीएसबी - उपलब्ध ही नहीं
(सभी भाव रुपये/प्रति क्विंटल में)
ईंट - 5000-8500 रुपये प्रति हजार
सीमेंट - 305 से 430 रुपये प्रति बोरा
(जीएसबी दानेदार रेत जैसा मेटेरियल होता है जिससे सड़क का आधार बनाया जाता है।)
रुके हुए हैं दर्जनों काम
ठेकेदारों ने बताया कि निर्माण सामग्री महंगी होने से दर्जनों सड़क निर्माण रुक गए हैं। पिछले दिनों जैसे तैसे अनुमति प्राप्त की लेकिन अब मजदूर न होने से काम रुक गए। साथ ही ठेकेदारों के पूर्व का भुगतान न होने से भी अब बहुत बड़ी समस्या उनके सामने आ गई है।