Lockdwon 3.0 : लॉकडाउन में मनरेगा ने संभाली उत्तराखंड के गांवों की आर्थिकी
- बीस करोड़ रुपये तक पहुंचे श्रमिकों के खातों में, 12 हजार से ज्यादा काम हुए शुरू
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लॉकडाउन के कारण प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था डगमगा गई है। आजीविका का मुख्य स्रोत चार धाम यात्रा इस बार पूरी तरह से बंद है।
बाहर रहकर पैसे घर भेजने वालों की वापसी से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर मार पड़ी है। इस स्थिति में मनरेगा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कुछ हद तक संभाला है।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इस समय प्रदेश मेें मनरेगा के तहत 12133 काम शुरू कराए गए हैं। 12 मई तक 1.43 लाख जॉब कार्ड धारक भी काम करने लगे हैं। अप्रैल माह से लेकर अब तक करीब बीस करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि मनरेगा में काम करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
खेती शामिल करने को केंद्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव
मनरेगा में खेती के काम को शामिल करने का प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है।
इसके तहत सब्जी, फल आदि का उत्पादन और पौधशाला आदि तैयार करने को शामिल किया गया है। इसी मामले को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी प्रधानमंत्री से बात की थी। अब यह प्रस्ताव राज्य की ओर से केंद्र को भेजा जाएगा।
लॉक डाउन में मनरेगा केे काम को 20 अप्रैल से शुरू किया गया था। तब से काम करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अब मनरेगा में खेती को शामिल किया जाता है तो इससे और अधिक तेजी आएगी। - मोहम्मद असलम, राज्य समन्वयक, मनरेगा