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सरकारी प्रेस ने ही दिया सरकार को झटका
अमर उजाला, बसंत कुमार, रुड़की
Updated Wed, 18 Sep 2013 10:14 AM IST
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सरकारी प्रेस ने ही सरकार को तगड़ा झटका दिया है। रुड़की स्थित शासकीय प्रेस लिथो ने काम की अधिकता का तर्क देते हुए 12 लाख राशन कार्डों को छापने से मना कर दिया है। इन कार्डों का उपयोग राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून को नवंबर अमली जामा पहनाने में किया जाना था। बताया गया है कि अब अधिकारी प्राइवेट प्रेस में कार्ड छपवाने की कवायद में जुट गए हैं।
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केंद्र सरकार की ओर से गत दिनों राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अध्यादेश लागू कर दिया था। प्रदेश सरकार ने भी राज्य में योजना को लागू करने के लिए शासनादेश जारी कर दिया। यही नहीं, योजना का शुभारंभ भी जिलेवार प्रभारी मंत्रियों द्वारा किया गया, लेकिन वास्तव में योजना का लाभ आमजन को देने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
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छपाई का काम शुरू नहीं हो सका
पहले पात्रों का चयन किया जाना है ताकि सस्ता राशन लोगों को दिया जा सके। पात्रों के चयन की कवायद जारी है लेकिन अभी राशन कार्ड छपाई का काम शुरू नहीं हो सका है। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से पहले चरण में करीब 12 लाख राशन कार्ड छपाई का आर्डर रुड़की स्थित राजकीय लिथो प्रेस को दिया गया था। लेकिन लिथो प्रेस के कता-धर्ताओं द्वारा छपाई में असमर्थता जताने से योजना के क्रियान्वयन में अड़चन आ गई है।
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प्रेस में पहले से ही स्टाफ की कमी चल रही है। पहले का भी सरकारी काम बहुत पेंडिंग है। इस कारण प्रेस की ओर से महीने भर में इतने राशन कार्डों की छपाई नहीं हो सकती है। यह विभाग को अवगत करा दिया है।
- सर्वेश कुमार गुप्ता, अपर निदेशक राजकीय लिथो प्रेस रुड़की
राशन कार्ड छपवाने के लिए राजकीय लिथो प्रेस को आर्डर दिया गया था। प्रेस ने महीनेभर में कार्ड छापकर देने से इनकार कर दिया है। अब प्राइवेट प्रेस से कार्ड छपवाए जाएंगे। इसमें समय लगेगा लेकिन कोशिश रहेगी कि समय पर काम हो जाए।
- पीएस पांगती, सहायक आयुक्त, खाद्य आपूर्ति विभाग
ये है योजना
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत एपीएल कार्ड धारकों में से ही प्राथमिक परिवारों (गरीब परिवारों) का चयन किया जाना है। योजना के तहत प्रति यूनिट पांच किलो गेहूं, चावल दिया जाना है। जिसमें गेहूं दो एवं चावल तीन रुपये किलो की दर से पात्रों को मुहैया कराया जाएगा।
राशन कार्डों का सत्यापन 30 तक
खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दिलाने के लिए राशन कार्डों का सत्यापन का काम भी शुरू हो गया है। रुड़की में नगर निगम के करीब दस कर्मचारियों को राशन कार्ड के सत्यापन में लगाया गया है। तीस राशन की दुकानों से करीब 28 हजार राशन कार्ड हैं। सत्यापन का काम इसी महीने 30 सितंबर तक पूरा करना है।