हरिद्वार में 10 से 12 जनवरी तक होगा लिटरेचर फेस्टिवल, भूटान और नेपाल के साहित्यकार भी जुटेंगे
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हरिद्वार में आगामी 10 से 12 जनवरी तक गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में अंत: प्रवाह संस्था और उनके सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले लिटरेचर फेस्टिवल की तैयारियां तेजी से जारी हैं।
भारत के विभिन्न राज्यों के साहित्यकारों के साथ ही नेपाल और भूटान के साहित्यकार भी इस अनूठे आयोजन का हिस्सा बनेंगे। स्थानीय साहित्यकारों और कलाकारों को भी इस आयोजन में मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के सीनेट हाल में हरिद्वार लिटरेचर फेस्टिवल के निदेशक प्रो. श्रवण कुमार शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस फेस्टिवल का मूल उद्देश्य साहित्य से विमुख हो गए लोगों में साहित्य की चेतना जगाना है।
हरिद्वार लिटरेचर फेस्टिवल समाज और शिक्षण संस्थानों को साहित्य से जोड़ने का एक सेतु बनेगा। फेस्टिवल का उद्घाटन फिल्मकार और गीतकार समीर अंजान करेंगे। समीर 600 फिल्मों में कविता और गीत प्रस्तुत कर चुके हैं।
इसके अलावा महिला जगत की साहित्यकार और लेखक प्रीता एम. ठाकुर, रूबी गुप्ता, शशि ठाकुर, अंगा जोगलेकर और अपर्णा शर्मा फेस्टिवल में महिला उत्थान को लेकर एक सत्र किया जाएगा।
साहित्यकार डॉ. विष्णु दत्त राकेश का रचना संसार पर विशेष सत्र होगा। संस्कृत और उर्दू के गंगा जमुनी के रूप में संस्कृत की कविता और उर्दू की शायरी का भव्य संगम भी होगा। फेस्टिवल में युवा साहित्यकारों, रचनाकार और लेखकों को भी मंच मिलेगा।
स्वामी ज्ञाननंद महाराज गीता सत्र को संबोधित करेंगे। अंग्रेजी के साहित्यकार प्रो कपिल कपूर के अलावा भूटान और नेपाल से नामचीन साहित्यकार शामिल होंगे। इनमें नेपाल के बसंत चौधरी, सनत रेग्मी, गुरदीप, शैलेश तिवारी, दिलदार देहलवी, एसके शर्मा, निरंजन मिश्र, अंबेर खरबंदा, इस फेस्टिवल की शोभा बढ़ाएंगे। इस दौरान फेस्टिवल के समन्वयक प्रो. वीके सिंह, प्रो. एलपी पुरोहित, संजय हांडा, डॉ. पंकज कौशिक आदि भी उपस्थित रहे।