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‘गीता, बाइबल, कुरान की तरह घर में संविधान होना चाहिए’

Sat, 11 Dec 2021 01:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 01:00 AM IST
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'Like Gita, Bible, Quran, there should be a constitution in the house'
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर तिलक रोड स्थित श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला में आयोजि
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन की ओर से गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों को मानवाधिकारी के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह हम गीता, बाइबल, रामायण, कुरान को घर में रखते हैं। उसी तरह अब घरों में भारतीय संविधान होना चाहिए।
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तिलक रोड स्थित महावीर जैन कन्या पाठशाला में आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की महानगर उपाध्यक्ष मधु जैन ने बच्चों को बताया कि 1947 में भारत पाकिस्तान का विभाजन होना दुर्भाग्यपूर्ण था। विभाजन के बाद ही मानव के अधिकारों की चर्चा होने लगी थी। बताया कि मानवाधिकार में स्वास्थ्य, आर्थिक सामाजिक और शिक्षा का अधिकार भी शामिल है। मानवाधिकार वे मूलभूत नैसर्गिक अधिकार हैं। जिनसे मनुष्य को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग आदि के आधार पर वंचित या प्रताड़ित नहीं किया जा सकता है। विचार गोष्ठी का संचालन कर रहे मानवाधिकार एवं सामाजिक संगठन के प्रदेश सलाहकार राजकुमार तिवारी ने कहा कि जैसे हम गीता, बाइबल, रामायण, कुरान को रखते हैं। उसी तरह अब घरों में भारतीय संविधान होना चाहिए। मुख्य वक्ता महावीर जैन कन्या पाठशाला की प्रधानाचार्य श्वेता सिंह ने कहा कि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना होगा। इस मौके पर रेखा निगम, सचिन जैन, अमित अरोड़ा, कांता रावत, रजनी शर्मा, मंजू रावत, कविता जैन, नीलिमा, बबीता बहुगुणा आदि थे।
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