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इन दिनों एक अजीब खुमारी में डूबा ऑस्ट्रेलिया, मजा लेने भारतीय भी पहुंचे
सिडनी से गिरीश रंजन तिवारी
Updated Thu, 15 Mar 2018 07:39 AM IST
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Lesbian parade
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ऑस्ट्रेलिया इन दिनों एक एक अजीब खुमारी में है। इस खुमारी का मजा लेने भारत से भी लोग पहुंच रहे हैं। समान लिंगी नागरिकों को आपस में विवाह करने की कानूनन अनुमति मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया में ऐसे नागरिकों में बेहद उत्साह है।
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भारत में भी इस बारे में हाल के वर्षों में नजरिये में आए बदलाव और अनेक चर्चित शख्सियतों की ओर से समलैंगिक होने की खुली स्वीकारोक्ति के बीच इस बार भारत के लोग भी समलैंगिकों के समर्थन में आयोजित परेड में शामिल हुए। इस विषय पर बनी हिंदी फिल्म त्रिकोण का मोबाइल बस में प्रदर्शन भी किया गया।
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इसी सप्ताह सिडनी में इनके समर्थन में तीन लाख से अधिक नागरिकों ने गे लेस्बियन मार्डी ग्रास परेड में शामिल होकर बारह हजार ऐसे समलिंगी नागरिकों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर सिडनी की सड़कों में तिल रखने की जगह नहीं थी। समलैंगिकों का उत्साहवर्धन करने के लिए विश्व के कोने-कोने से लोग यहां जमा हुए थे। इस वार्षिक परेड का यह 40वां साल था लेकिन ऑस्ट्रेलिया में समलैंगिक नागरिकों के विवाह को कानूनी अधिकार दिए जाने के बाद यह पहली परेड थी। इस वजह से समलैंगिक नागरिकों और दर्शकों का उत्साह उफान पर था।
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समलिंगी विवाह कानून वाला ऑस्ट्रेलिया 26वां देश
Australia
परेड में विचित्र पोशाकों में गे लेस्बियन हाथों में झंडे और पोस्टर लिए हुए थे और नारे लगा रहे थे। इसमें अंतर्राष्ट्रीय पॉप सुपरस्टार चेर सहित ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल थीं। ऑस्ट्रेलिया के फेडरल अपोजिशन लीडर बिल शॉर्टन, उनकी पत्नी, विरोधी दल के उपनेता तान्या पिलर सेक तथा लेबर सीनेटर लीडर जेनी वॉन्ग, डीन स्मिथ रिचर्ड नटाले आदि भी मौजूद थे। भारत वंशी नागरिकों ने बताया कि अब इस परेड में भारत से भी लोग शिरकत करने लगे हैं। भारत की प्रसिद्ध हस्तियों की स्वीकारोक्ति और बॉलीवुड फिल्मों में समलैंगिकों के प्रदर्शन का चलन आम होने से अब यह वर्जना टूट रही है।
ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय से समलैंगिक समाज के लोग विवाह को कानून सम्मत बनाने, बच्चों को गोद ले सकने सहित अन्य अधिकारों को लेकर आंदोलनरत थे। बीते चालीस वर्षों से हर वर्ष मार्च प्रथम सप्ताह में ऐसे नागरिक सिडनी में परेड निकालते थे। गत वर्ष ढाई लाख लोगों ने परेड का नजारा देखा था। दिसंबर 2017 में ऑस्ट्रेलिया की पार्लियामेंट ने समलैंगिक नागरिकों के आपस में विवाह और दूसरे अधिकारों को कानून सम्मत बना दिया, यह कानून जनवरी 2018 से लागू हुआ। परेड में दिखा उत्साह इसी की खुशी का परिणाम रहा। तीन लाख लोग इस परेड के साक्षी बने। सिडनी के टेलर्स स्क्वायर से शुरू होकर यह जुलूस ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट तक गया।
ऑस्ट्रेलिया विश्व का 26वां देश है जिसने समलिंगी नागरिकों को आपस में विवाह की अनुमति दी है। सबसे पहले 2001 में नीदरलैंड ने यह अधिकार दिया था। गे लेस्बियंस को यह अधिकार देने वाले ज्यादातर देश कैथोलिक हैं। इनमें बेल्जियम, स्पेन, कनाडा, जर्मनी, फिनलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, इंग्लैंड, फ्रांस, ब्राजील, न्यूजीलैंड, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, कोलंबिया आदि देश शामिल हैं।
ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय से समलैंगिक समाज के लोग विवाह को कानून सम्मत बनाने, बच्चों को गोद ले सकने सहित अन्य अधिकारों को लेकर आंदोलनरत थे। बीते चालीस वर्षों से हर वर्ष मार्च प्रथम सप्ताह में ऐसे नागरिक सिडनी में परेड निकालते थे। गत वर्ष ढाई लाख लोगों ने परेड का नजारा देखा था। दिसंबर 2017 में ऑस्ट्रेलिया की पार्लियामेंट ने समलैंगिक नागरिकों के आपस में विवाह और दूसरे अधिकारों को कानून सम्मत बना दिया, यह कानून जनवरी 2018 से लागू हुआ। परेड में दिखा उत्साह इसी की खुशी का परिणाम रहा। तीन लाख लोग इस परेड के साक्षी बने। सिडनी के टेलर्स स्क्वायर से शुरू होकर यह जुलूस ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट तक गया।
ऑस्ट्रेलिया विश्व का 26वां देश है जिसने समलिंगी नागरिकों को आपस में विवाह की अनुमति दी है। सबसे पहले 2001 में नीदरलैंड ने यह अधिकार दिया था। गे लेस्बियंस को यह अधिकार देने वाले ज्यादातर देश कैथोलिक हैं। इनमें बेल्जियम, स्पेन, कनाडा, जर्मनी, फिनलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, इंग्लैंड, फ्रांस, ब्राजील, न्यूजीलैंड, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, कोलंबिया आदि देश शामिल हैं।