स्टोर में बिल्ली समझकर पूंछ खींची तो गुर्राया तेंदुआ, 9 घंटे तक अटकी रहीं सबकी सांसें और फिर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के पांडेय गांव में 9 घंटे सभी लोग दहशत में रहे। शाम के समय एक तेंदुआ एक घर के स्टोर में जा छिपा। लोगों ने वहां कुछ देखा और बिल्ली समझकर उसकी पूंछ खींची तो अंदर से तेंदुआ गुर्रा रहा था।
यह देखकर वहां मौजूद घर के लोगों की चीख निकल पड़ी। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ लग गई। इसकी सूचना वन विभाग को दी तो टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने रेस्क्यू की तमाम कोशिश की लेकिन वह बाहर ही नहीं निकला।
देर रात करीब 12 बजे तेंदुआ स्टोर का गेट खुलते ही बाहर भाग निकला। तब पता लगा कि वह तेंदुए का शावक है। वह करीब आठ साल का था। रेंजर दिनेश जोशी के अनुसार तेंदुआ नौ घंटे से अधिक समय तक स्टोर में बंद रहा। तेंदुए को पकड़ने के लिए ट्रैंकुलाइजर गन और पिंजरे के साथ मौके पर मुस्तैद थी लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।
बता दें कि पांडेय गांव से पाट्टा जाने वाले रास्ते पर नाले के पार मुकुल वर्मा का मकान है। उन्होंने सीढ़ी के नीचे छोटा सा स्टोर बनाया है। सोमवार दोपहर मुकुल की मां लहसुन डालने के लिए स्टोर के पास गईं तो उन्होंने वहां बिल्लीनुमा जानवर बैठा देखा।
उन्होंने अपने किराएदार को इसकी जानकारी दी। किराएदार बाहर आए और उन्होंने स्टोर में हाथ डालकर जानवर की पूंछ खींचनी चाही तो उनकी चीख निकल गई। अंदर तेंदुआ गुर्रा रहा था। अपराह्न ढाई से तीन बजे के बीच इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। इस पर वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
तेंदुआ आने की खबर फैली तो मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। रेंजर जोशी ने बताया कि टीम के पास ट्रैंकुलाइजर गन तो थी, लेकिन तेंदुआ दिखाई ही नहीं दे रहा था। वन विभाग की टीम देर रात तक इंतजार करती रही। इसके बाद रात 12 बजे के बाद जब तेंदुआ भागा तब लोगों को राहत मिली।